बिहार

कोहरे ने बढ़ाई रेल यात्रियों की परेशानी,कई ट्रेनें प्रभावित

Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 8:01 PM IST
कोहरे ने बढ़ाई रेल यात्रियों की परेशानी,कई ट्रेनें प्रभावित
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कटिहार। सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले ही रेलवे ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। उत्तर भारत में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच कई प्रमुख ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद करने और कुछ ट्रेनों के फेरों में कटौती करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का असर बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से कटिहार और आसपास के क्षेत्रों से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेनों के बदले हुए परिचालन कार्यक्रम पर ध्यान देना होगा।
रेलवे की ओर से यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और कोहरे के दौरान रेल परिचालन में आने वाली परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, अलग-अलग ट्रेनों के निरस्तीकरण की अवधि अलग हो सकती है।
1 दिसंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
रेलवे प्रशासन के अनुसार, सर्दियों के दौरान घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है। विशेष रूप से दिसंबर, जनवरी और फरवरी में कई रेलखंडों पर दृश्यता काफी कम हो जाती है।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 के बीच कई रेल सेवाओं के संचालन में बदलाव किया गया है। कुछ ट्रेनें इस अवधि के दौरान पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि कुछ का परिचालन सप्ताह के निर्धारित दिनों में नहीं होगा।कुछ रेल सेवाओं का निरस्तीकरण मार्च 2027 के शुरुआती दिनों तक भी जारी रहेगा।कटिहार सहित कई जिलों के यात्रियों पर असर
कटिहार पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र है। यहां से बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और दिल्ली सहित कई प्रमुख क्षेत्रों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है।लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में बदलाव होने से कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और आसपास के जिलों के यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
विशेष रूप से दिल्ली और उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों में आरक्षण कराना पड़ सकता है।हालांकि, कटिहार रेल मंडल से गुजरने वाली सभी प्रभावित ट्रेनों की वर्ष 2026-27 की आधिकारिक मंडलवार सूची की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।इन प्रमुख ट्रेनों का परिचालन रहेगा प्रभावितविभिन्न रेलवे जोन से संबंधित प्रकाशित सूचनाओं के अनुसार, आगामी कोहरे के मौसम में कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए गए हैं।
ट्रेन संख्या और नाम प्रभावित अवधि
14003 मालदा टाउन–नई दिल्ली न्यू फरक्का एक्सप्रेस 5 दिसंबर 2026 से 2 मार्च 2027
14004 नई दिल्ली–मालदा टाउन न्यू फरक्का एक्सप्रेस 3 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027
14112 प्रयागराज–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2026 से 24 फरवरी 2027
14111 मुजफ्फरपुर–प्रयागराज एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2026 से 24 फरवरी 2027
इन ट्रेनों को संबंधित अवधि में पूरी तरह रद्द रखने की सूचना प्रकाशित हुई है। यह विभिन्न रेल मार्गों की सूची है, इसे केवल कटिहार मंडल की सूची नहीं समझा जाना चाहिए।
गरीब रथ एक्सप्रेस के फेरों में भी कटौती
कोहरे के कारण भागलपुर और आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस के कुछ फेरों को भी रद्द करने की जानकारी सामने आई है।ट्रेन संख्या 22406 भागलपुर–आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस के 2 दिसंबर 2026 से 24 फरवरी 2027 के बीच 13 निर्धारित फेरे रद्द रहने की सूचना है।इसी प्रकार ट्रेन संख्या 22405 आनंद विहार–भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस के भी 13 निर्धारित फेरे प्रभावित होंगे।इससे दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को आरक्षण संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कोहरे में क्यों रद्द करनी पड़ती हैं ट्रेनें?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घना कोहरा रेल परिचालन के सामने बड़ी चुनौती पैदा करता है। कोहरे के दौरान दृश्यता घटने से लोको पायलटों को अधिक सावधानी के साथ ट्रेन चलानी पड़ती है।
रेलवे की ओर से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार ट्रेनों की गति नियंत्रित रखी जाती है। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों के समय पर पहुंचने में देरी हो सकती है।एक ट्रेन के विलंब से चलने का असर कई बार उसी रेलखंड पर संचालित दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ता है।रेलवे का उद्देश्य पहले से परिचालन योजना में बदलाव कर यात्रियों की सुरक्षा और रेल सेवाओं के प्रबंधन को बेहतर बनाए रखना है।शादी और छुट्टियों के मौसम में बढ़ेगी परेशानी
दिसंबर से फरवरी के बीच बड़ी संख्या में लोग शादी समारोह, पारिवारिक कार्यक्रमों और छुट्टियों के लिए यात्रा करते हैं।इसी दौरान कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं।
ट्रेनों के रद्द होने से वैकल्पिक रेल सेवाओं में यात्रियों का दबाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से लंबी दूरी की लोकप्रिय ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो सकती है।ऐसे में यात्रियों को अंतिम समय में टिकट बुक कराने के बजाय यात्रा की योजना पहले से तैयार करने की सलाह दी जा रही है।
टिकट बुक कराने से पहले जांच लें ट्रेन की स्थिति
रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टिकट बुक कराने या स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।इसके लिए यात्री रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस), अधिकृत रेलवे वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग कर सकते हैं।पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को भी अपनी यात्रा की निर्धारित तारीख के अनुसार ट्रेन की स्थिति जांचनी चाहिए।यदि ट्रेन पूरी तरह रद्द हो जाती है, तो पात्र यात्रियों को रेलवे के लागू नियमों के अनुसार टिकट राशि वापस मिलती है।
यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत
ट्रेनों के निरस्तीकरण और फेरों में कटौती के कारण यात्रियों को अन्य रेल सेवाओं का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।कटिहार और आसपास के क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे संबंधित ट्रेन का नंबर और यात्रा की तारीख देखकर ही आगे की तैयारी करें।कई बार ट्रेन किसी निश्चित अवधि में सप्ताह के केवल एक या दो दिन रद्द रहती है। ऐसे में बिना जानकारी के यात्रा की योजना बनाने पर परेशानी हो सकती है।
रेलवे ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
घने कोहरे के दौरान रेल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है। इसी वजह से रेलवे प्रशासन हर वर्ष सर्दियों में परिचालन व्यवस्था की समीक्षा करता है।दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित बदलाव भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।इन बदलावों से यात्रियों की असुविधा बढ़ सकती है, लेकिन रेलवे का उद्देश्य संभावित परिचालन जोखिम कम करना है।
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