बिहार

मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने से अफ्रीका को पहली खेप रवाना

SHIDDHANT
24 Aug 2025 8:49 PM IST
मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने से अफ्रीका को पहली खेप रवाना
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BIHAR बिहार मढ़ौरा में स्थित रेल इंजन कारखाने ने देश के रेल निर्माण उद्योग में नई इबारत लिख दी है। कारखाने में तैयार किए गए इंजन अब अफ्रीकी देश गिनी की पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस क्रम में चार इंजन की पहली खेप गिनी के लिए रवाना कर दी गई है। मढ़ौरा कारखाने द्वारा तैयार किए जाने वाले इन इंजनों का नाम कोमो रखा गया है। यह कदम मेक इन इंडिया की अवधारणा को मजबूत करने और भारतीय निर्माण क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। गिनी देश के प्रतिनिधि मंडल ने इस वर्ष मई-जून में मढ़ौरा का दौरा किया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच 140 लोकोमोटिव इंजन के निर्यात का 3 हजार करोड़ रुपये का समझौता हुआ था। दो महीने के भीतर ही इस समझौते के तहत पहली खेप रवाना कर दी गई है।

कारखाने के अधिकारियों ने बताया कि कोमो इंजन तकनीकी रूप से अत्याधुनिक हैं और लंबी दूरी की पटरियों पर सुचारू संचालन के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही कोमो की अन्य खेपें भी गिनी भेजी जाएंगी, जिससे निर्यात कार्यक्रम को पूर्ण रूप से लागू किया जा सके। रेल मंत्रालय और कारखाने के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से न केवल भारत की इंजीनियरिंग और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन होगा, बल्कि विदेशी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी। साथ ही, यह परियोजना रोजगार सृजन और स्थानीय उद्योगों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्यात केवल मढ़ौरा कारखाने के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय रेल निर्माण उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश में रेल इंजन निर्माण और निर्यात की दिशा में नई संभावनाएं खुलेंगी। बिहार के मढ़ौरा कारखाने की यह सफलता भारत को वैश्विक रेलवे बाजार में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में और भी अफ्रीकी देशों के लिए इंजन का निर्यात बढ़ाने की योजना है।

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