
पटना। बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से फायरिंग के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का आदेश किसने दिया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और केवल एक सिपाही पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिसकर्मी ने आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया तो उसे यह हथियार किसके आदेश पर दिया गया और इसकी अनुमति किस स्तर से मिली।
उन्होंने सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने कहा कि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
एसपी पर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने सीवान के एसपी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए सीवान के एसपी को निलंबित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में किसी भी कार्रवाई के लिए एक पूरी व्यवस्था होती है। ऐसे में केवल निचले स्तर के कर्मचारी पर कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय करना जरूरी है।
एके-47 के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
RJD नेता ने पुलिसकर्मी के पास एके-47 जैसे आधुनिक हथियार होने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर आरोपी जवान को यह हथियार कैसे मिला और उसे हथियार जारी करने का आदेश किसने दिया।
उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति में पुलिसकर्मियों को हथियार उपलब्ध कराने की एक प्रक्रिया होती है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि किस अधिकारी के निर्देश पर जवान को एके-47 जारी किया गया था।
तेजस्वी ने कहा कि यह सिर्फ एक जवान का मामला नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ा सवाल है। इसलिए जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए।
छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ा विवाद
छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित फायरिंग की घटना के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय यदि बल प्रयोग किया जाता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की।
सरकार से मांगा जवाब
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री और गृह विभाग से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने की स्थिति कैसे बनी, गोली चलाने का आदेश किसने दिया और पुलिसकर्मी को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया क्या थी।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने पूरे मामले की जानकारी रखनी चाहिए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
जांच की मांग
RJD नेता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में केवल घटना में शामिल जवान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल थे।
उन्होंने कहा कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार की ओर से मामले में जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है।
तेजस्वी यादव लगातार कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं। इस मामले में भी उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
फिलहाल सभी की नजर इस मामले में होने वाली जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है। यह स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि फायरिंग की स्थिति कैसे बनी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।





