
Bihar बिहार: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर जिले के ब्रह्मपुरा इलाके में गुरुवार सुबह एक प्राइवेट हॉस्पिटल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में आग लगने से तीन मरीज़ों की मौत हो गई। घटना के समय हॉस्पिटल में इलाज करा रहे अन्य मरीज़ों में अफरातफरी मच गई।
मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, आग सबसे पहले ICU में लगी और धीरे-धीरे पूरे यूनिट में फैल गई। आग फैलने के साथ-साथ धुआं भी बहुत तेज़ी से जमा होने लगा, जिससे मरीजों को तुरंत बाहर निकालना मुश्किल हो गया। हॉस्पिटल स्टाफ और आसपास के लोग घटना स्थल पर दौड़े और मरीजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में जुट गए।
फ़ायर और रेस्क्यू विभाग की टीम ने मौके पर तुरंत पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने ICU में इलाज करा रहे करीब 15 मरीज़ों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को तुरंत आसपास के हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया। हालांकि, आग इतनी तेज़ थी कि कम से कम तीन मरीजों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
प्राथमिक जांच के अनुसार, आग किसी इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट या उपकरण की खराबी के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, हादसे के असली कारण की जांच अभी जारी है। मुज़फ़्फ़रपुर प्रशासन ने तुरंत घटना स्थल का दौरा किया और फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्देशित किया कि वे प्रभावित मरीज़ों और हॉस्पिटल स्टाफ को हर संभव मदद दें।
हॉस्पिटल के निदेशक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और वे प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हॉस्पिटल की सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल और अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगने के समय ICU में कई गंभीर हालत वाले मरीज़ भर्ती थे। धुआं इतना घना था कि स्टाफ और मरीजों के बाहर निकलने में मुश्किल हुई। फायर और रेस्क्यू टीम ने जल्दी प्रतिक्रिया दी और आग को काबू में किया। प्रशासन ने भी आसपास के इलाके को खाली करवा कर राहत कार्य में मदद की।
यह हादसा एक बार फिर से स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रोटोकॉल पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के लिए नियमित ऑडिट और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जरूरत है।
इस घटना के बाद बिहार सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, हॉस्पिटल के सभी दस्तावेज और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि हादसे की वजह और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।





