बिहार

जिले में प्रतिबंधित गन्ने की बुआई से किसानों और मिल प्रबंधन को हो रहा नुकसान

Admindelhi1
30 March 2024 6:44 AM GMT
जिले में प्रतिबंधित गन्ने की बुआई से किसानों और मिल प्रबंधन को हो रहा नुकसान
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किसानों को प्रतिबंधित गन्ने की आपूर्ति से समर्थन मूल्य कम मिल रहा है

कटिहार: जिले में प्रतिबंधित गन्ने की बुवाई किसानों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है. सिधवलिया चीनी मिल प्रबंधन प्रतिबंधित गन्ने की आपूर्ति से रिकवरी कम होने की समस्या से जूझ रहा है. जबकि किसानों को प्रतिबंधित गन्ने की आपूर्ति से समर्थन मूल्य कम मिल रहा है.

राज्य सरकार ने गन्ने की चार प्रजातियों को प्रतिबंधित कर दिया है. गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल प्रबंधन किसानों से प्रतिबंधित गन्ने की बुवाई नहीं करने की लगातार अपील कर रहा है. अगले वर्ष पेराई सत्र के दौरान प्रतिबंधित गन्ने की आपूर्ति नहीं लेने के लिए मिल प्रबंधन ने किसानों को आगाह कर दिया है. गन्ना अनुसंधान केंद्र के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंधित गन्ने की आपूर्ति से किसानों की खुशहाली बरकरार नहीं रह सकती है. मिल प्रबंधन को भी इससे नुकसान हो रहा है.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. बक्शी राम ने बताया कि यूपी सीओ पैंट 98024, बीओ 110, सीओपी 61 व तथाकथित बीओ 0 को सरकारी स्तर पर प्रतिबंधित किया गया है. प्रतिबंधित प्रभेद की खेती करने से उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है. कार्यपालक उपाध्यक्ष आशीष खन्ना ने बताया कि उन्नत प्रभेद के गन्ने की फसल लगाने से पैदावार में बढ़ोतरी हो रही है.

उन्नत प्रभेद की गन्ने आपूर्ति करने पर किसानों को राज्य सरकार की ओर से निर्धारित अधिकतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है. यहां बता दें कि सिधवलिया चीनी मिल के आरक्षित व अनारक्षित क्षेत्रों में इस वर्ष बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए 38 हजार एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

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