
दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले में मंगलवार को बदले मौसम ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। खेत में जोताई का काम करा रहे 45 वर्षीय किसान अशोक यादव की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि अशोक यादव खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
खेत में चल रही थी जोताई
जानकारी के अनुसार, यह घटना दरभंगा के सदर थाना क्षेत्र के धोई घाट चौर इलाके की है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दीवारी गांव निवासी स्वर्गीय गणेशी यादव के पुत्र अशोक यादव अपने खेत में जोताई का काम करा रहे थे।
खेत में ट्रैक्टर से जुताई चल रही थी। अशोक यादव खेत के किनारे खड़े होकर पूरे काम की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज गरज-चमक के साथ वज्रपात हुआ।
वज्रपात इतनी तेज थी कि उसकी चपेट में आने से अशोक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अचानक हुई घटना से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय खेत में सामान्य रूप से काम चल रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पल में इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी।
जैसे ही वज्रपात की घटना हुई, आसपास मौजूद लोग घबरा गए। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किसान को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। किसान की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार का इकलौता सहारा थे अशोक यादव
अशोक यादव परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। खेती करके वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों ने बताया कि अशोक रोज की तरह खेत में काम कराने गए थे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन बन जाएगा।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली।
प्रशासन की ओर से प्राकृतिक आपदा में हुई मौत के मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है वज्रपात का खतरा
मानसून के दौरान बिहार समेत कई राज्यों में वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग आकाशीय बिजली गिरने से अपनी जान गंवाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम विभाग की चेतावनी का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए सतर्क रहने की अपील
कृषि कार्य के दौरान किसान अक्सर खुले खेतों में रहते हैं, जिससे वज्रपात का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर किसानों से अपील करता है कि खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों में काम करने से बचें।
ग्रामीणों का कहना है कि मौसम की जानकारी मिलने के बावजूद अचानक आने वाली प्राकृतिक घटनाओं से बचना मुश्किल हो जाता है।
गांव में पसरा मातम
अशोक यादव की मौत के बाद दीवारी गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन खेतों में कुछ समय पहले तक खेती का काम चल रहा था, वहीं अब दुख और सन्नाटा दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि अशोक यादव मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी मौत से पूरे गांव को गहरा आघात लगा है।
फिलहाल प्रशासन मामले की जानकारी जुटा रहा है। वहीं, परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए ग्रामीणों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। प्राकृतिक आपदा में किसान की मौत ने एक बार फिर मानसून के दौरान सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है।





