बिहार

नप बनने के बाद भी बरौली में नागरिक सुविधाओं का टोटा

Admin Delhi 1
15 July 2023 5:46 AM GMT
नप बनने के बाद भी बरौली में नागरिक सुविधाओं का टोटा
x

गोपालगंज न्यूज़: लंबे समय के बाद 2021 में बरौली नगर पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिला था. नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद नगरवासियों को यह उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें शहरी नागरिक सुविधाएं भरपूर मिलने लगेंगी. बिजली-पानी, साफ-सफाई के साथ गली-मोहल्ले चकाचक होंगे. बदहाल सड़कें चकाचक हो जाएंगी व जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. लेकिन,इस दिशा में तीन साल में भी कोई काम शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल,नगर परिषद के पुराने इलाकों में सफाई की सुविधा तो मिल रही है . लेकिन, अन्य सुविधाएं नही मिल रही हैं. 10 करोड़ खर्च करने के बाद भी आधी आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है. शहरवासी जार का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं. नगर क्षेत्र में 33 सौ स्ट्रीट लाइट लगी पर 80 फीसदी आज भी खराब पड़ी हैं. लाइट लगानेवाली एजेंसी फरार है. फुटपाथी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने की योजना फाइलों में बंद है.

कही नाला जाम तो कहीं सड़क पर बह रहा है पानी नालों की कमी व पानी की निकासी नहीं होने से शहर के सिसई, फत्तेपुर, मोहनपुर, भड़कुइयां आदि स्थानों पर पूर्व से ही जलजमाव की समस्या बरकरार है. सुरवल जाने वाले रोड में बरसात में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है. बाजार क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए बनाए गए नालों की सफाई न होने की वजह से बाधा आ रही है. नगर परिषद बनने से स्थानीय लोगों को लगा कि बहुत जल्द चमचमाती दूधिया स्ट्रीट रोशनी से मोहल्ले को जगमगाने की कवायद शुरू की जाएगी. इस कड़ी में नगर में 33 सौ लाइट लगाई गईं. लेकिन स्थिति यह है कि मामूली गड़बड़ी के कारण 80 फीसदी लाइट बंद पड़ी हैं. अब तक नगरपरिषद की ओर से इसे चालू कराने को लेकर कोई खास पहल नहीं की जा रही है. शाम ढलते ही मोहल्ले में अंधेरा छा जाता है. जिसके कारण लोगों को अंधेरे में गलियों से निकलने में परेशानी होती है. कई इलाकों में अब तक लाइट नहीं लगायी गई है. जिससे रात में अंधेरा रहता है.

क्या कहते हैं जिले के शहरवासी

नगर परिषद बनने के बाद भी लोगों को शहरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. साफ सफाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना फ्लॉप साबित हो रही है.

-नगीना प्रसाद, मोहनपुर

नगर परिषद बनने के बाद भी इसका भरपूर विकास नही हो रहा है. नागरिक सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं. लोगों का शहरी क्षेत्र में रहने का सपना पूरा नहीं होता दिख रहा है.

-मिक्की कुमार, बरौली

बरौली कहने को शहरी क्षेत्र है. लेकिन सच्चाई यह है कि बरौली बाजार को छोड़कर सभी वार्ड गांव की तरह आज भी हैं. नई नगर सरकार से अब जनता आश लगाए बैठी है.

-शांति कुमारी, छात्रा, बरौली.

नगर पंचायत से नप बनने के बाद भी समस्या से छुटकारा नहीं मिल सका है. गांव के लोग जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं. नल जलयोजना पूरी तरह फ्लॉप है.

-सुनील कुमार, फत्तेपुर

वर्जन

स्ट्रीट लाइट व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की कार्रवाई की जा रही है. 47 नाला व सड़कों का टेंडर निकाला गया है. नल-जल योजना को दुरुस्त करने को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. -सरोज कुमार बैठा, ईओ, बरौली.

Next Story