
बिहार: औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए गोपालगंज जिले में लिथियम-आयन बैटरी निर्माण का बड़ा प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना हथुआ औद्योगिक क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जहां 2027 से उत्पादन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस कदम से जिले में निवेश बढ़ने के साथ-साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नई उद्योग नीति के तहत इस परियोजना को मंजूरी दी गई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) और जिला उद्योग विभाग ने हथुआ औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 में श्री शिरडी साईंनाथ पावर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को पांच एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। यह प्रक्रिया BIADA के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार और कंपनी के एमडी रवि पांडे की मौजूदगी में पूरी की गई। कंपनी की योजना इस परियोजना को चार चरणों में विकसित करने की है। सभी चरण पूरे होने के बाद प्रतिदिन 5,000 से अधिक लिथियम-आयन बैटरियों का उत्पादन किया जा सकेगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो इस साल अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक रवि पांडे ने बताया कि पहले चरण का निर्माण कार्य 12 से 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद वर्ष 2027 से उत्पादन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोपालगंज में उद्योग स्थापित करना उनके लिए प्राथमिकता रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह प्लांट मोबाइल फोन, इनवर्टर, ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Energy Storage System) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए लिथियम-आयन बैटरियों का निर्माण करेगा। बढ़ती ईवी और ऊर्जा क्षेत्र की मांग को देखते हुए इस परियोजना को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आयुष कुमार ने बताया कि उद्योग विभाग इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे। इससे न सिर्फ युवाओं को नौकरी मिलेगी बल्कि जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।





