बिहार

लखीसराय के बड़हिया में आंदोलन का असर, 10 बजे से रुकी है पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस, रेलवे स्टेशन पुलिस छावनी में हुआ तब्दील

Renuka Sahu
22 May 2022 6:00 AM GMT
Effect of agitation in Lakhisarais Barhiya, Patliputra Express has stopped since 10 am, railway station turned into police cantonment
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फाइल फोटो 

लखीसराय के बड़हिया में रेल ठहराव को लेकर एकबार फिर वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू हो गया है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। लखीसराय के बड़हिया में रेल ठहराव को लेकर एकबार फिर वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू हो गया है। रेल संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रहे इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में लोगों की उपस्थिति देखी जा रही है। शुरुआत के एक घंटे तक धरना देने के बाद उग्र होकर आंदोलनकारी बड़हिया रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर उतर आए और पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को करीब आधे घंटे से अधिक समय से रोका हुआ है।

दरअसल, 10 से अधिक ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर बड़हिया के लोग लगातार आंदोलनरत हैं। पहले भी लोग आंदोलन कर अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए रेल व जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुके थे। तब आश्वासन के बाद आंदोलन को समाप्त करा दिया गया था। पुन: एकबार फिर आंदोलन रविवार को शुरू हुआ है। रणनीति के मुताबिक स्टेशन परिसर पर धरना देना था, लेकिन लोगों को जैसे ही पता चला कि पाटलिपुत्र एक्सप्रेस बड़हिया स्टेशन आने वाली है। आंदोलनकारी उग्र होकर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चले गए।
इस बीच आंदोलनकारियों ने पहले तो पैनल रूम को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन तबतक जिला व रेल प्रशासन की पूरी टीम ने मुस्तैदी के साथ लोगों को इस कार्य से रोक दिया। पैनल को अपने कब्जे में लेने से विफल हुए लोग लाल झंडी के साथ ट्रैक पर उतर गए। इस पाटलिपुत्रा को बड़हिया से आगे बढ़ने नहीं दिया गया। 10 बजे के बाद से पाटलिपुत्रा बड़हिया स्टेशन पर ही रूकी है। पाटलिपुत्रा के ठहराव की भी मांग को लेकर लोग आंदोलनरत थे।
पुलिस छावनी में तब्दील स्टेशन
बड़हिया रेलवे स्टेशन पुलिस छावनी में तब्दील है। रेल व जिला प्रशासन के अधिकारी से लेकर पुलिस स्टेशन परिसर व इर्द-गिर्द मुस्तैद हैं। लोगों को लगातार रोकने का प्रयास किया जा रहा है। शुरूआत में कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा आंदोलनकारियों के वीडियो बनाए जाने के क्रम में आंदोलनकारी और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन हमारे आंदोलन को प्रभावित करने का प्रयास करेगी, तो मजबूरन उनलोगों को उग्र रूप धारन करना होगा। इसके लिए पूरी तरह पुलिस-प्रशासन जवाबदेह होंगे।
बाजार बंद, लोग रहे परेशान
रेल ठहराव को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बाजार को बंद करा दिया गया है। पहले ही संघर्ष समिति ने बाजार बंद रखने का आह्वान किया था, जिसके समर्थन में दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दी थी। इधर बाजार बंद रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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