बिहार

शिक्षा व्यवस्था शर्मसार: क्लासरूम में कूलर लगवाकर चैन से सोती रहीं मैडम

Saba Naaz
16 July 2026 3:33 PM IST
शिक्षा व्यवस्था शर्मसार: क्लासरूम में कूलर लगवाकर चैन से सोती रहीं मैडम
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गिद्धौर (जमुई)। बिहार में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार सख्त कदम उठा रहा है। लेकिन धरातल पर शिक्षकों की लापरवाही के ऐसे मामले सामने आ जाते हैं, जो इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख देते हैं। ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला और शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड से सामने आया है। यहाँ के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय क्लासरूम में ही कूलर चलाकर चैन की नींद सो रही एक शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद न सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, बल्कि सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गिद्धौर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सेवा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय ऊपरी सेवा मुसहरी टोला का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि क्लासरूम के अंदर एक कूलर चल रहा है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लगाए गए इस कूलर की ठंडी हवा का आनंद बच्चे नहीं, बल्कि स्कूल की शिक्षिका उठा रही हैं। मैडम बच्चों को पढ़ाने और उनकी कॉपियां जांचने के बजाय कुर्सी पर बेहद आरामदेह मुद्रा में बैठी हैं और गहरी नींद में सो रही हैं। क्लासरूम में पढ़ाई पूरी तरह ठप है और बच्चे भगवान भरोसे बैठे नजर आ रहे हैं। इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

बताया जा रहा है कि यह वाकया बीते बुधवार का है, जब स्कूल में कक्षा का संचालन हो रहा था। इसी दौरान किसी छात्र के अभिभावक या स्थानीय नागरिक ने शिक्षिका को इस हालत में देखा। स्कूल अवधि के दौरान शिक्षिका की इस घोर लापरवाही को देखकर उस व्यक्ति ने चुपके से अपने मोबाइल कैमरे में मैडम के सोने का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया। वीडियो देखते ही देखते विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल गया। वीडियो पर कमेंट करते हुए लोग बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर तीखे तंज कस रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या सरकार शिक्षकों को क्लासरूम में सोने के लिए मोटी तनख्वाह दे रही है?

इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि एक तरफ सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल अवधि में शिक्षकों द्वारा इस तरह आराम फरमाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुसहरी टोला के इस प्राथमिक विद्यालय में ज्यादातर गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे पढ़ने आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण बच्चों का नियमित वर्ग संचालन प्रभावित हो रहा है और उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। अगर शिक्षक ही स्कूल के समय में सोते रहेंगे, तो बच्चों को अनुशासन और ज्ञान का पाठ कौन पढ़ाएगा?

मामला तूल पकड़ने और वीडियो के व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक भी यह बात पहुंच चुकी है। प्रखंड शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लिया है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित स्कूल और शिक्षिका से इस बाबत स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई अन्य शिक्षक इस तरह की लापरवाही करने की हिम्मत न कर सके।

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