बिहार

आक्रोश और सुरक्षा के बीच बाढ़ घाट पर दुलारचंद यादव का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम

SHIDDHANT
31 Oct 2025 10:42 PM IST
आक्रोश और सुरक्षा के बीच बाढ़ घाट पर दुलारचंद यादव का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम
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Bihar बिहार: चर्चित मोकामा हत्याकांड में मारे गए दुलारचंद यादव का शुक्रवार को बाढ़ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, समर्थक और स्थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। वातावरण में शोक और आक्रोश दोनों दिखाई दिए। ग्रामीणों ने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। दुलारचंद यादव की हत्या ने न सिर्फ मोकामा, बल्कि पूरे पटना जिले में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम हथियारबंद बदमाशों ने यादव पर उस समय गोलियां बरसा दीं जब वे अपने परिचितों से मिलने जा रहे थे। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावनात्मक रहा। शवयात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, “दुलारचंद अमर रहें” और “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रशासन की ओर से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। SDPO बाढ़, थाना प्रभारी मोकामा, और कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं घाट पर मौजूद रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि दुलारचंद यादव को राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी के कारण निशाना बनाया गया। मृतक के भाई ने कहा, “मेरे भाई को साजिश के तहत मारा गया है। पुलिस को पहले ही धमकी की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।” परिवार ने मामले की CBI या SIT जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, पुलिस ने कहा है कि इस हत्याकांड की हर एंगल से जांच की जा रही है। पटना ग्रामीण एसपी ने बताया, “हमें कई अहम सुराग मिले हैं। तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। गांव में अभी भी तनाव का माहौल है। लोग इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दे रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने दुलारचंद यादव को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। बाढ़ विधायक और मोकामा के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और सरकार से मांग करेंगे कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए। बाढ़ घाट पर पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू थे, तो ग्रामीणों में गुस्सा साफ झलक रहा था। अंतिम संस्कार के बाद भारी पुलिस बल की निगरानी में भीड़ को शांतिपूर्वक वापस भेजा गया।
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