बिहार

बिहार में एनटीपीसी की बाढ़ इकाई के बंद होने और खुले बाजार से बिजली नहीं मिलने के कारण राज्य को मिली कम बिजली

Ritisha Jaiswal
29 April 2022 1:58 PM IST
Due to closure of flood unit of NTPC in Bihar and no electricity from open market, the state got less power
x
बिहार में गुरुवार को भी बिजली संकट जारी रहा। एनटीपीसी की बाढ़ इकाई के बंद होने और खुले बाजार से बिजली नहीं मिलने के कारण राज्य को कम बिजली मिली

बिहार में गुरुवार को भी बिजली संकट जारी रहा। एनटीपीसी की बाढ़ इकाई के बंद होने और खुले बाजार से बिजली नहीं मिलने के कारण राज्य को कम बिजली मिली। पीक आवर में रात आठ बजे पांच हजार मेगावाट से कम बिजली आपूर्ति हुई। जरूरत से 1200-1400 मेगावाट कम बिजली मिलने के कारण लगभग पांच दर्जन ग्रिड को लोडशेडिंग पर रखना पड़ा। फीडर को रोटेशन से बिजली मिलने के कारण शहर से लेकर गांव तक छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रही।

एनटीपीसी अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को बिहार को केंद्रीय कोटे से 4200 मेगावाट बिजली दी गई। कहलगांव यूनिट देर शाम आ गई, लेकिन बाढ यूनिट शुक्रवार को आने की उम्मीद है। बाढ़ यूनिट आने के बाद ही बिहार के हिस्से में 600 मेगावाट बिजली की वृद्धि हो सकेगी। बाकी बिजली बिहार को खुले बाजार से लेनी है। बाजार में बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण ही मूल परेशानी हो रही है।
आम तौर पर बिहार खुले बाजार से 1200-1400 मेगावाट बिजली की खरीदारी हर रोज कर लेता है। लेकिन अभी बोली लगाने के बावजूद खुले बाजार से बिहार को 100 मेगावाट भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जानकारों के अनुसार जब तक खुले बाजार में बिजली उपलब्ध नहीं हो जाती, बिहार को इस संकट से जूझना होगा। खुले बाजार में बिजली उपलब्ध नहीं होने का मूल कारण कोयला संकट बताया जा रहा है।
हालांकि बिहार के बिजली घरों में पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। लेकिन देश के कई राज्य ऐसे हैं जिसके बिजली घर को कोयला नहीं मिल पा रहा है। कोयले का भंडार कम होने के कारण कई बिजली घरों को मजबूरी में बंद रखा जा रहा है। जब तक ऊर्जा मंत्रालय हस्तक्षेप कर कोयला संकट पर काबू न पा ले, सभी इकाईयों से बिजली उत्पादन संभव नहीं है। उत्पादन शुरू नहीं होने पर बिजली संकट की समस्या भी दूर नहीं होगी।


Next Story