बिहार
मुर्गी फार्म की आड़ में ड्रग्स का खेल, करोड़ों की हेरोइन बरामद
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 5:51 PM IST

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की 1.776 किलोग्राम हेरोइन जैसा मादक पदार्थ बरामद किया है। इसके साथ ही एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन, एक मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक मशीन, एक एयरगन और एक टूटी हुई एयरगन भी जब्त की गई है। पुलिस ने इस मामले में 32 वर्षीय आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर और मुर्गी फार्म की तलाशी के दौरान मादक पदार्थों और हथियारों की बरामदगी हुई। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के तार अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस को फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र की मिल्लत कॉलोनी में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री होने की गुप्त सूचना मिली थी।सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया।फुलवारीशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखते हुए मिल्लत कॉलोनी के आसपास कार्रवाई शुरू की।पुलिस के मुताबिक, छापेमारी दल को देखकर एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा।
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान के रूप में हुई।वह फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला पठान टोली, वार्ड संख्या 24 का रहने वाला है।इसके बाद पुलिस ने उसके अन्य ठिकानों की तलाशी लेने का निर्णय लिया।
घर और मुर्गी फार्म की तलाशी में मिली बड़ी खेप
गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके घर और मुर्गी फार्म पर छापेमारी की।तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और हथियार बरामद करने का दावा किया।जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 1 किलोग्राम 776 ग्राम बताया गया है।पुलिस के अनुसार, बरामद पदार्थ हेरोइन या स्मैक जैसा है और इसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।इसके अलावा पुलिस को एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन, एक मोबाइल फोन, एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन, एक एयरगन और एक क्षतिग्रस्त एयरगन मिली।मादक पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और शुद्धता की अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक जांच से होगी।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेंट्रल एसपी ने दी जानकारी
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को पटना के सेंट्रल एसपी चंद्रप्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पुलिस को संदिग्ध मादक पदार्थ कारोबार की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम बनाई गई थी।इस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके ठिकानों से मादक पदार्थों तथा हथियारों की बरामदगी की।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति केवल पटना तक सीमित नहीं थी।आशंका है कि इसके पीछे दूसरे राज्यों से जुड़ा एक नेटवर्क सक्रिय है।पुलिस को इस कथित नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी मिले हैं।इन व्यक्तियों की वास्तविक भूमिका का पता लगाने के लिए आगे जांच की जा रही है।
दूसरे राज्यों से पटना पहुंचाई जाती थी नशे की खेप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के संकेत सामने आए हैं।सेंट्रल एसपी के अनुसार, कथित नेटवर्क के सदस्य दूसरे राज्यों से मादक पदार्थ लाकर पटना में उनकी आपूर्ति करते थे।पुलिस को आशंका है कि इस कारोबार से जुड़े लोग रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते थे।जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री से प्राप्त रकम किन लोगों तक पहुंचती थी।पुलिस के अनुसार, जांच में कुछ ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जो पहले आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।हालांकि, इन लोगों की मौजूदा मामले में संलिप्तता की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।जांच एजेंसियां अब कथित सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी की पड़ताल कर रही हैं।
हथियारों की बरामदगी ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
मादक पदार्थों के साथ हथियारों की बरामदगी को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है।छापेमारी के दौरान एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन और एयरगन मिलने के बाद हथियारों के इस्तेमाल के उद्देश्य की जांच शुरू की गई है।पुलिस को संदेह है कि इन हथियारों का इस्तेमाल कथित अवैध कारोबार में लोगों को डराने-धमकाने के लिए किया जाता था।हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि बरामद हथियारों का किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल किया गया था या नहीं।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हथियार कहां से आए और क्या कथित तस्करी नेटवर्क के दूसरे सदस्यों के पास भी हथियार मौजूद हैं।हथियारों की बरामदगी से इस मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है।
मोबाइल फोन से मिल सकते हैं अहम सुराग
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।जांच अधिकारियों के लिए यह फोन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इसके माध्यम से कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों से संपर्क की जानकारी सामने आ सकती है।पुलिस मोबाइल फोन की जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के संपर्कों की पड़ताल कर सकती है।इसके अलावा बरामद इलेक्ट्रॉनिक मशीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।हालांकि, फोन से किसी विशेष बातचीत या लेनदेन का पता चलने की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी बनी बड़ी चुनौती
बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बिहार में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी और अवैध बाजार के विस्तार पर चिंता जताई गई थी।अधिकारियों के लिए चुनौती केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके स्रोत, वितरण नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है।नशे के अवैध कारोबार का असर युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ सकता है।इसलिए पुलिस की कार्रवाई के साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और नशामुक्ति सेवाओं की उपलब्धता भी जरूरी है।
अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस
फुलवारीशरीफ में हुई इस कार्रवाई के बाद पटना पुलिस अब कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे।इसके साथ ही आरोपी के संपर्कों और संभावित आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा सकती है।इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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