
पटना : जिले के गौरीचक क्षेत्र में पुनपुन और दरधा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। दोनों नदियों के रौद्र रूप के कारण इलाके में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है। पुनपुन नदी ने पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, वहीं दरधा नदी भी उफान पर है।
नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से गौरीचक क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को आवागमन, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
गौरीचक क्षेत्र के धनकी, चिहुट, सलारपुर, बकपुर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। गांवों की गलियां, खेत-खलिहान और संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं।
कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूटने से गांवों का मुख्य इलाकों से संपर्क प्रभावित हो गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि कई गांव टापू की तरह नजर आने लगे हैं। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
घरों में घुसा पानी सामान हुआ बर्बाद
बाढ़ ने ग्रामीणों के सामने केवल रहने की समस्या ही नहीं खड़ी की है, बल्कि खाने-पीने की चीजों का संकट भी बढ़ा दिया है।
कई घरों में रखा अनाज, राशन, कपड़े, बिस्तर, जलावन और अन्य जरूरी सामान पानी में खराब हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक आए पानी ने उनकी जमा पूंजी और जरूरत का सामान बर्बाद कर दिया।
लोगों को अब सबसे ज्यादा चिंता भोजन और सुरक्षित रहने की जगह को लेकर है।
खेतों में भरा पानी किसानों की बढ़ी परेशानी
बाढ़ के पानी ने खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही खेती में कई तरह की परेशानियां थीं, अब बाढ़ ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
सड़क संपर्क टूटने से बढ़ी परेशानी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी समस्या आवागमन की बनी हुई है। कई गांवों की सड़कें पानी में डूब जाने के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
जरूरी कामों के लिए लोगों को नाव या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। बीमार लोगों और बुजुर्गों को अस्पताल या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
प्रशासन से मदद की उम्मीद
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उन्हें भोजन, पीने का पानी, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की आवश्यकता है।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों की टीमें जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा ले रही हैं।
पुनपुन नदी ने बढ़ाई चिंता
पुनपुन नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नदी के आसपास बसे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
दरधा नदी के उफान ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है। दोनों नदियों के बढ़ते पानी के कारण नए इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों की अपील
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल राहत सामग्री और सुरक्षित स्थानों की जरूरत है। ग्रामीण प्रशासन से नाव की व्यवस्था, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि पानी तेजी से फैलने के कारण कई परिवारों के सामने रहने और खाने दोनों का संकट खड़ा हो गया है।
फिलहाल गौरीचक क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुनपुन और दरधा नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित गांवों तक राहत पहुंचाना और लोगों को सुरक्षित रखना है।





