
Bihar: संभावित बाढ़ को देखते हुए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने मकेर प्रखंड के हेजलपुर में चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि कटाव निरोधक कार्य का लगभग 92 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि शेष कार्य हर हाल में 30 जून तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ हिस्सों में सुधार की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि कटाव निरोधक सामग्री पर्याप्त मात्रा में पहले से ही स्थल पर उपलब्ध रखी जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में भी पहले से सामग्री स्टॉक करने को कहा गया। अधिकारियों ने नाव के माध्यम से नदी के अपस्ट्रीम क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां सिल्ट हटाने का कार्य चल रहा है। यह कार्य नदी की नई जलधारा को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मौके पर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जांच की।
उन्होंने निर्देश दिया कि नदी से निकाले गए सिल्ट और मिट्टी को तटबंध से सुरक्षित दूरी पर रखा जाए, ताकि बारिश या जलस्तर बढ़ने पर वह वापस नदी में न जाए। साथ ही कुछ स्थानों पर कम क्षेत्र में सिल्ट हटाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्राक्कलन की पुनः समीक्षा करने का आदेश दिया। प्रशासन ने साफ किया कि सभी बाढ़ सुरक्षा और कटाव निरोधक कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। उद्देश्य यह है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और संभावित बाढ़ से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





