
समस्तीपुर। ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने को लेकर समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बुधवार को विभिन्न कार्यस्थलों का गहन स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के निर्माण कार्य की मौजूदा प्रगति, भूमि अर्जन से जुड़े मामलों और परियोजना के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को आपसी समन्वय बनाकर लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, ऐसे में शेष कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।
90 प्रतिशत काम पूरा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन परियोजना की प्रगति से अवगत कराया। बताया गया कि परियोजना का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, बचे हुए कार्यों की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर डीएम ने चिंता व्यक्त की और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो जाने के बाद अब छोटी-छोटी बाधाओं के कारण निर्माण कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। जो भी विभागीय या प्रशासनिक समस्या सामने आ रही है, उसे संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल दूर किया जाए।
भूमि अर्जन के मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
परियोजना के क्रियान्वयन में भूमि अर्जन से जुड़े मामलों को भी महत्वपूर्ण माना गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी लंबित मामलों की जानकारी ली और उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि अर्जन से संबंधित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। जिन मामलों में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि निर्माण एजेंसी को कार्य करने में किसी प्रकार की बाधा न हो।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों के निपटारे के दौरान संबंधित पक्षों से समन्वय बनाकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इससे परियोजना के शेष हिस्से में निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिलेगी।
लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर
जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि जो कार्य लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद अधिकारियों से कार्य की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर उत्पन्न होने वाली तकनीकी, प्रशासनिक या विभागीय बाधा की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। विभागों के बीच बेहतर तालमेल की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
विभागीय बाधाएं दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को विभागीय बाधाओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि परियोजना का महत्व देखते हुए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने निर्माण एजेंसी को भी कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्य की निगरानी करने और मौके पर सामने आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी स्तर पर प्रगति की समीक्षा पर्याप्त नहीं है। निर्माण स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना और उसके अनुसार कार्रवाई करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने विभिन्न कार्यस्थलों का निरीक्षण किया।
यातायात और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना
ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में माना जा रहा है। फोरलेन सड़क के निर्माण से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आवागमन को सुगम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।
सड़क परियोजनाओं का प्रभाव केवल यातायात तक सीमित नहीं रहता। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों, परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलता है। ऐसे में परियोजना के शेष कार्यों को जल्द पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अधिकारियों को नियमित निगरानी का निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में किसी भी तरह की देरी के कारणों की पहचान कर उनका तत्काल समाधान किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी नजर रखने को कहा। कार्य की गति बढ़ाने के साथ निर्माण मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करते हुए परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराने पर जोर दिया।
बुधवार के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति और मौजूदा बाधाओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद शेष हिस्से की धीमी गति को देखते हुए प्रशासन अब लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराने पर जोर दे रहा है। भूमि अर्जन से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन और विभागीय बाधाओं को दूर करने के निर्देश के बाद उम्मीद है कि परियोजना के बचे हुए कार्यों में तेजी आएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि परियोजना की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य को अनावश्यक देरी से बचाया जा सके।





