बिहार

सुधा डेयरी प्लांट का डीएम ने किया निरीक्षण, किसानों को समितियों से जोड़ने पर दिया जोर

Kavita2
16 Sept 2026 2:51 PM IST
सुधा डेयरी प्लांट का डीएम ने किया निरीक्षण, किसानों को समितियों से जोड़ने पर दिया जोर
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डेहरी: जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बुधवार को सुधा डेयरी प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की व्यवस्थाओं, दूध उत्पादन की स्थिति और किसानों से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद शाहाबाद आरा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सुमन, सुधा दूध प्लांट डेहरी के एमडी अमित आनंद समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में क्षेत्र में दूध उत्पादन बढ़ाने, अधिक से अधिक पशुपालकों को दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जोड़ने और डेयरी प्लांट के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं। जरूरत है कि अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। किसानों को डेयरी से जुड़ने के फायदे बताए जाएं और उन्हें सहकारी समितियों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाए।

दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों को जोड़ने की पहल

डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि बिक्रमगंज क्षेत्र के साथ-साथ नौहट्टा जैसे पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों के कई पशुपालक अभी तक सुधा डेयरी की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (डीसीएस) से नहीं जुड़ पाए हैं।

उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को भी डेयरी नेटवर्क से जोड़ने की जरूरत है, ताकि उन्हें दूध बेचने के लिए बेहतर सुविधा और उचित भुगतान मिल सके।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गांव स्तर पर संपर्क अभियान चलाकर नए किसानों को समितियों से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

किसानों को सीधे बैंक खाते में भुगतान

बैठक में शाहाबाद आरा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के एमडी अमित कुमार सुमन ने डेयरी की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब एक हजार किसानों के दूध की कीमत सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था के तहत लगभग 10 लाख रुपये की राशि किसानों को सीधे उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका कम हो रही है।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को नियमित रूप से दूध बिक्री की सुविधा मिलती है और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

प्लांट विस्तार को लेकर हुई चर्चा

बैठक में सुधा डेयरी प्लांट के विस्तार और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्लांट की क्षमता बढ़ाने, अधिक किसानों से दूध संग्रह करने और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

डीएम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का साधन मिलता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

सहकारी मॉडल से किसानों को मिलेगा लाभ

जिला प्रशासन ने कहा कि दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां किसानों को संगठित करने का बेहतर माध्यम हैं। इसके जरिए पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य, तकनीकी जानकारी और बाजार की सुविधा मिलती है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक पशुपालकों को सुधा डेयरी नेटवर्क से जोड़ा जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को क्षेत्रवार योजना तैयार कर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण और बैठक के दौरान डेयरी विभाग के अधिकारियों ने भी प्लांट की कार्यप्रणाली और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।

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