बिहार में Digital अरेस्ट मामला, 12 दिन डॉक्टर पति-पत्नी का जीना मुश्किल; 1.95 करोड़ उड़ाए

Patna.पटना। साइबर अपराधियों ने हनुमान नगर के एमआईजी कॉलोनी में रहने वाले डॉ. राधे मोहन प्रसाद (79) और उनकी पत्नी डॉ. छवि प्रसाद को 12 दिनों तक डिजिटल नजरबंद रखकर 1.95 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। इस दौरान अपराधी दंपती को सीबीआई, अधिवक्ता और जज बनकर धमकाते रहे। किसी को बताने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। दंपती को इस हद तक डराया गया कि वे खुद बैंक गए और छह बार आरटीजीएस के जरिए पैसे ट्रांसफर किए। बुधवार को पीड़ित डॉक्टर ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
डीएसपी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि बुजुर्ग दंपती से 23 मई से साइबर ठगी हो रही थी। मामले की जांच की जा रही है। उन्हें धमकी दी गई कि मुंबई में केस दर्ज करा दिया जाएगा। पहला कॉल 21 मई को आया था। तब बुजुर्ग डॉक्टर दंपती घर पर बैठे थे। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि उसके खिलाफ मुंबई के कोलाबा थाने में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। राधे मोहन प्रसाद और छवि प्रसाद के नाम से सिम कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे कई लोगों से ठगी की गई है। उन्हें मोस्ट वांटेड घोषित किया गया है। जालसाज ने उन्हें मुंबई आने को कहा। इस पर डॉक्टर ने कहा कि वह अभी नहीं आ सकते, जिसके बाद कॉल कट गई।





