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बिहार के दिव्यांग खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगे हुनर

Saba Naaz
24 Jun 2026 2:41 PM IST
बिहार के दिव्यांग खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगे हुनर
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Bihar: पटना से एक ऐतिहासिक और गर्व से जुड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार के दो पैरा खिलाड़ियों का चयन ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हुआ है। यह पहली बार है जब बिहार से दो पैरा एथलीट इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस उपलब्धि से राज्य में खुशी और गर्व का माहौल है।

चयनित खिलाड़ियों में नालंदा के झंडू कुमार और गया के सोमन राणा शामिल हैं। झंडू कुमार पैरा पावरलिफ्टिंग में भाग लेंगे, जबकि सोमन राणा पैरा एथलेटिक्स में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। दोनों खिलाड़ी 23 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे।

पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव संदीप कुमार ने इस उपलब्धि को राज्य के खेल इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और लगातार संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण के नेतृत्व में राज्य में खेलों के विकास को नई दिशा मिली है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल रही हैं।

राष्ट्रमंडल खेलों को दुनिया के प्रमुख खेल आयोजनों में गिना जाता है, जिसमें वे देश शामिल होते हैं जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे थे। यह आयोजन हर चार साल में होता है और इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच खेल भावना, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना होता है। इन खेलों में पैरा एथलीट भी मुख्य प्रतियोगिताओं के साथ शामिल होते हैं, जो उनकी प्रतिभा और संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाता है।

पैरा खिलाड़ी वे होते हैं जो शारीरिक या अन्य चुनौतियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से खेल जगत में अपनी जगह बनाते हैं। इन खिलाड़ियों की भागीदारी न केवल खेल भावना को बढ़ाती है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती है।

झंडू कुमार और सोमन राणा का चयन केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह बिहार के पैरा खेल आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। यह राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और यह संदेश देगा कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अब पूरे बिहार की नजरें ग्लासगो 2026 पर टिकी हैं, जहां ये दोनों खिलाड़ी न सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि राज्य का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का प्रयास करेंगे।

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