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Patna पटना। बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी पांच उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम विजयी घोषित किए गए। इन परिणामों के साथ बिहार की सभी पांच सीटों पर एनडीए का कब्जा हो गया।
परिणाम आने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे जनता के जनादेश और विधायकों के समर्थन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के विश्वास और विधायकों के आशीर्वाद से एनडीए को सभी पांच सीटों पर जीत मिली है। उन्होंने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत बिहार के गौरव और सम्मान को बढ़ाने वाली है।
उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हारने वाले लोग अक्सर किसी न किसी पर आरोप लगाते ही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम इस बार विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप नहीं लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रथम वरीयता और द्वितीय वरीयता के वोटों की प्रक्रिया को समझना भी जरूरी है, जिसे विपक्षी दल ठीक से नहीं समझ पा रहे हैं।
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने भी परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए की जीत पहले से ही तय थी। गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल था और इसी कारण पांचों सीटों पर जीत सुनिश्चित थी। उन्होंने एनडीए के सभी विजयी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि विपक्ष द्वारा उठाया जा रहा शोर-शराबा किसी काम का नहीं है। विपक्ष के पास पर्याप्त समीकरण नहीं था, फिर भी उन्होंने उम्मीदवार खड़ा कर दिया, जिससे केवल संसाधनों की बर्बादी हुई।
हालांकि, विपक्ष ने चुनाव परिणामों पर सवाल भी उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रही। उनका दावा है कि आरजेडी के चार मतदाताओं को एनडीए के लोगों ने रोककर अपने कब्जे में रखा था, जिसके कारण परिणाम प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर जीते हैं और यह न केवल उनकी पार्टी बल्कि लोकतंत्र की भी हार है। उनके मुताबिक इस चुनाव में पैसातंत्र की जीत हुई है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है।
वहीं, आरजेडी के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह ने परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जिस पक्ष के पास पर्याप्त संख्या होती है, अंततः वही चुनाव जीतता है।
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