
देवरिया: जनपद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम मिलन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 1,98,533 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने 6 वादों का, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय ने 22, अपर प्रधान न्यायाधीश ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने 24, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने 142 मामलों का निस्तारण कर 10.75 करोड़ रुपये प्रतिकर राशि दिलाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने 3233 वाद निपटाए। विभिन्न न्यायालयों, विभागों, बैंक और राजस्व प्रकरणों को मिलाकर कुल 1,98,533 मामलों का निस्तारण हुआ और लगभग ₹26.98 करोड़ का सेटलमेंट किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में ऐतिहासिक निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में पहली बार 142 वादों का निस्तारण कर ₹10.75 करोड़ प्रतिकर राशि दिलाई गई। यह जनपद के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही।
27 वर्षों से लंबित तीन मामले सुलझे
राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत एडीआर भवन में 27 साल पुराने तीन मुकदमों का निस्तारण हुआ। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की पहल पर दोनों पक्षों की सहमति से सुलह कराई गई।
मामले 1997-98 से लंबित थे, जिन्हें वार्ता और समझौते के बाद समाप्त किया गया। श्री तिवारी ने कहा कि मध्यस्थता में दोनों पक्ष जीतते हैं, कोई हारता नहीं है।





