बिहार

बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग तेज

Kavita2
9 Sept 2026 3:22 PM IST
बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग तेज
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पटना। बिहार में शहरों और स्थानों के नाम बदलने को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग उठी है। बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने रखा है।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं है, बल्कि यह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता नीतीश कुमार की जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का लंबा राजनीतिक सफर और सार्वजनिक जीवन की कई महत्वपूर्ण यादें इस स्थान से जुड़ी हुई हैं।

संतोष कुमार सुमन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बिहार के एक महान जननेता की जन्मभूमि को उनका नाम मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य के विकास में उनका योगदान रहा है। इसी आधार पर उन्होंने बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग रखी।

यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब देश के कई हिस्सों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े स्थानों के नाम बदलने को लेकर चर्चा होती रही है। बिहार में भी समय-समय पर विभिन्न शहरों और स्थानों के नाम बदलने की मांग उठती रही है।

बख्तियारपुर पटना जिले का एक प्रमुख कस्बा है और यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में कई दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई है और कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

संतोष कुमार सुमन ने कहा कि किसी स्थान का नाम बदलना केवल नाम परिवर्तन नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महान व्यक्ति की जन्मभूमि को उनके नाम से जोड़ा जाता है तो यह उनके योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक हो सकता है।

हालांकि, बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग पर अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। यह केवल मंत्री संतोष कुमार सुमन की ओर से रखा गया प्रस्ताव है। आगे इस पर सरकार और संबंधित विभागों की राय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

राजनीतिक नजरिए से भी इस मांग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। ऐसे में उनकी जन्मभूमि का नाम बदलने का प्रस्ताव राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

वहीं, नाम बदलने के मुद्दे पर अक्सर अलग-अलग राय सामने आती रही हैं। कुछ लोग इसे सम्मान और पहचान से जोड़ते हैं, जबकि कुछ लोग स्थानों के पुराने नामों और ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखने के पक्ष में रहते हैं। बख्तियारपुर के मामले में भी आगे राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अपनी मांग को नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान और बिहार के प्रति उनकी सेवाओं से जोड़कर पेश किया है। उनका कहना है कि एक बड़े जननेता की जन्मभूमि को उनके नाम से पहचान मिलना सम्मान की बात होगी।

बख्तियारपुर का इतिहास भी काफी पुराना रहा है और यह क्षेत्र अपने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां के लोग इस नाम परिवर्तन प्रस्ताव को किस नजरिए से देखते हैं, यह भी आने वाले दिनों में सामने आएगा।

फिलहाल यह मामला प्रस्ताव के स्तर पर है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। यदि सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करती है तो नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर भी काम करना होगा।

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