बिहार

UGC नियम लागू करने की उठी मांग

Saba Naaz
5 July 2026 5:34 PM IST
UGC नियम लागू करने की उठी मांग
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बिहार : सहायक प्रोफेसर बहाली की नई नियमावली 2026 के खिलाफ सीतामढ़ी में NET, JRF और PHD धारकों ने बैठक कर विरोध दर्ज कराया। यह बैठक नगर स्थित श्री राधा कृष्ण गोयनका कॉलेज मैदान में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। अभ्यर्थियों ने नई नियमावली को यूजीसी मानकों के विपरीत बताते हुए इसे वापस लेने या संशोधन करने की मांग की।

बैठक में मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2026 की नई नियमावली में कई ऐसे प्रावधान हैं जो उच्च शिक्षा और युवाओं के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमावली तैयार करते समय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2018 के मानकों की अनदेखी की गई है। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडिकेटर (API) का निर्धारण भी असंतुलित बताया गया।

अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आपत्ति आयु सीमा में की गई कमी पर जताई। उनका कहना था कि वर्षों से बहाली की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को राहत देने के बजाय आयु सीमा घटाकर उनके भविष्य के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने मांग की कि सहायक प्रोफेसर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित की जाए।

बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि UGC की वर्ष 2018 की मूल नियमावली को लागू किया जाना चाहिए, ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप हो सके। इस दौरान डॉ. राजीव कुमार काजू, डॉ. अमरनाथ सिंह, डॉ. धीरज मिश्रा और डॉ. राजीव रंजन सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे।

अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया और नियमावली में संशोधन नहीं किया गया तो पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालेगी और योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करेगी।

बैठक में शामिल सभी अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना था कि पारदर्शी और संतुलित नियमावली ही योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिला सकती है।

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