
Bihar बिहार: सरकार ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। हालांकि शुक्रवार देर रात तक इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की जा सकी थी। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं को जेड श्रेणी सुरक्षा प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसकी औपचारिक पुष्टि अभी लंबित है।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में गृह मंत्रालय की ओर से भी खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया था। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस फैसले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। फिर भी राजनीतिक गलियारों में इस निर्णय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को सुरक्षा देने के फैसले को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों नेताओं की सुरक्षा और उनके आवास को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस जारी रही है, और अब जेड श्रेणी सुरक्षा की चर्चा ने इस मुद्दे को और अधिक गर्मा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है, जिसमें दोनों नेताओं को संभावित खतरे को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा देने की अनुशंसा की गई थी। हालांकि, इस रिपोर्ट या निर्णय से संबंधित कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि जेड श्रेणी सुरक्षा देश में उच्च स्तरीय सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है, जिसमें सुरक्षा कर्मियों की एक विशेष टीम 24 घंटे संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा में तैनात रहती है। इसमें सशस्त्र जवानों के साथ-साथ एस्कॉर्ट और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल भी शामिल होते हैं।
इस निर्णय के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों नेताओं की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक बयान सामने आ चुके हैं, और यह मामला अब एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके चलते विभिन्न राजनीतिक दलों और मीडिया में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को उच्च सुरक्षा देना सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के आकलन पर निर्भर करता है। ऐसे में इस तरह के फैसले आमतौर पर संवेदनशील परिस्थितियों में लिए जाते हैं।
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरे रहे हैं और लंबे समय तक राज्य की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय का राजनीतिक प्रभाव भी व्यापक रूप से देखा जाता है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार के इस कथित निर्णय ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जेड श्रेणी सुरक्षा को लेकर आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है, जबकि गृह मंत्रालय की ओर से भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। अब सभी की नजरें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सके।





