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Bihar बिहार। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के पद राजनीतिक पद नहीं हैं।
डीसीएम ने स्पष्ट किया कि जो लोग संविधान में विश्वास रखते हैं, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना था, “अगर आप संवैधानिक पद का अपमान करते हैं, तो इसका मतलब है कि आप संविधान पर विश्वास नहीं रखते। राष्ट्रपति और राज्यपाल पद संवैधानिक हैं और इनकी गरिमा बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।”
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संवैधानिक पदों का अपमान लोकतंत्र और संविधान के प्रति अवमानना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संवैधानिक पदों का सम्मान करें और ऐसे विवादों से बचें जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
डीसीएम ने यह भी कहा कि संविधान का पालन करना केवल कानून का मामला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय आस्था और लोकतंत्र के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने ममता बनर्जी को संविधान के मूल्यों का सम्मान करने और संवैधानिक पदों के अपमान से बचने की सलाह दी।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री का यह बयान विपक्षी दलों और उनके नेताओं द्वारा संवैधानिक पदों पर विवादित टिप्पणी करने की प्रवृत्ति के खिलाफ सख्त चेतावनी है। इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और यह मुद्दा आगामी चुनावों और राजनीतिक बहस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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