बिहार

नवादा में साइबर अपराधियों को मिला इतना पैसा कि गिनने में लगे चार घंटे, बुलानी पड़ी कैश मशीन

Bhumika Sahu
14 Aug 2022 5:39 AM GMT
नवादा में साइबर अपराधियों को मिला इतना पैसा कि गिनने में लगे चार घंटे, बुलानी पड़ी कैश मशीन
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बुलानी पड़ी कैश मशीन

नवादा. बिहार के नवादा जिले में साइबर अपराधियों के पास से पुलिस को इतने कैश मिले कि गिनने में चार घंटे लग गए। कैश गिनने के लिए बकायदा मशीन लानी पड़ी। साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 1.22 करोड़ रुपए कैश मिले। साथ ही 3 लग्जरी गाड़ियां भी पुलिस ने बरामद की। मुख्य सगरना को फायरिंग करते हुए भागने में सफल रहा लेकिन पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। दरअसल, जिले के वारसलीगंज में 13 अगस्त की शाम तेलंगाना की साइबर पुलिस ने नवादा पुलिस के साथ वारिसलीगंज के अपसढ पंचायत के भवानी बीघा गाव मे साइबर फॉड मिथिलेश प्रसाद के घर छापेमारी करने गई थी। उसके घर से 1.22 करोड़ कैश बरामद हुआ।

1.22 करोड़ कैश मिले
हालांकि पुलिस को देख मिथिलेश प्रसाद फायरिंग करते हुए भागने में सफल रहा। लेकिन पुलिस उसके पिता सुरेंद्र प्रसाद, भुटाली राम, महेश कुमार और जीतेंद्र कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। सभी से पूछताछ की जा रही है। साइबर अपराधियों के पास से 1.22 करोड़ कैश के अलावा, तीन लग्जरी कार और पांच मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किया है।
लग्जरी गाड़ी की डीलरशीप दिलाने के नाम पर करते थे ठगी
नवादा के एसपी गौरव मंगला ने बताया कि तेलंगाना के शायबराबाद थाना में कीया कंपनी की लग्जरी गाड़ियों का डीलरशीप देने के नाम पर ठगी करने का एक केस दर्ज किया गया था। तेलंगाना पुलिस को जांच में साइबर अपराधियों का लोकेशन नवादा के भवानी बीघा गांव में मिला। जांच में भवानी बीघा गांव के साइबर ठगों की संलिप्तता होने की पुलिस को सुराग मिला। जिसके बाद तेलंगाना पुलिस यहां छापेमारी करने आई। मिथिलेश को पकड़ने के लिए पुलिस उसके घर की घेराबंदी कर रही थी। तभी मिथिलेश फायरिंग करते हुए भाग निकला। जबकि पुलिस ने खदेड़ कर चार साइबर अपराधियों को पकड़ लिया। मिथिलेश के घर में सर्च करने पर उसके घर के अलमीरा से पुलिस को कैश मिला। सभी बरामद रुपए में 500 और 2000 के नोट थे।
वारिसलीगंज का उत्तरी भाग बन रहा साइबर फ्रॉड का हब
एसपी ने बताया कि जिले के सभी साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अभियान चला रही है। मिथिलेश प्रसाद और उसका गिरोह कंपनी का फ्रेंचाइजी बनाकर लोगों से ठगी करता था। यह गिरोह पटना, कोलकाता, दिल्ली समेत देश के कई शहरों में फैला हुआ है। मिथिलेश प्रसाद के घर से पुलिस को 1.22 कैश के अलावा नई फाच्यूनर, टाटा हेरार और एक आई20 कार भी मिली है। उन्होंने बताया कि वारिशलीगंज के उत्तरी भाग के लगभग दो दर्जन गांव के लोग ठगी के इस धंधे में शामिल हैं। पुलिस इन साइबर अपराधियों को खत्म करने का प्लान बना रही है। भवानीबीघा से पूर्व में साइबर ठगी करने के मामले आ चुके हैं। साथ ही मिथिलेश प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस रेड कर रही है।


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