
आरा। बिहार के भोजपुर जिले में चोरी की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। यहां एक महिला रिश्तेदार बनकर घर में पहुंची और परिवार का भरोसा जीतने के बाद काढ़े में नशीला पदार्थ मिलाकर सभी को बेहोश कर दिया। इसके बाद घर से लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी महिला को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से बड़ी मात्रा में चोरी का सामान भी बरामद किया गया है।
भोजपुर पुलिस के अनुसार, गड़हनी थाना क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना में गिरफ्तार महिला की पहचान पटना जिले के परसा बाजार थाना क्षेत्र के एतवारूपुर गांव निवासी रंजीत पासवान की पत्नी सीमा देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से करीब ढाई लाख रुपये नकद, सोने के तीन झुमके, तीन मंगलसूत्र, तीन चेन और करीब दो किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक राज ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गड़हनी थाना क्षेत्र के लसाढ़ी गांव में 17 जुलाई को चोरी की घटना सामने आई थी। गांव निवासी राकेश रोशन के घर एक अज्ञात महिला पहुंची थी। महिला ने खुद को उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मलथर गांव निवासी शिवाजी सिंह की बेटी बताया और परिवार से रिश्तेदारी का हवाला दिया।
महिला की बातों पर परिवार को भरोसा हो गया और राकेश रोशन की मां ने उसे रिश्तेदार समझकर घर में रहने की अनुमति दे दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने इसी विश्वास का फायदा उठाया। रात के समय उसने काढ़ा तैयार किया और उसमें नशीला पदार्थ मिला दिया। परिवार के सदस्यों ने जब वह काढ़ा पी लिया तो कुछ समय बाद सभी बेहोशी की हालत में चले गए।
परिवार के लोगों के बेहोश होते ही महिला ने घर में रखे सामान को खंगाला और करीब साढ़े छह लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने गड़हनी थाने में अज्ञात महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सुराग और अन्य जानकारियों के आधार पर महिला की पहचान की। अनुसंधान में सीमा देवी की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया।
गड़हनी थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि आरोपी महिला अकेले इस तरह की वारदात को अंजाम नहीं देती थी, बल्कि एक गिरोह के साथ मिलकर काम करती थी। गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से रिश्तेदारी का संबंध बनाते थे और घर में प्रवेश हासिल करते थे। इसके बाद मौका देखकर खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को बेहोश कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इसके लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी महिला से गिरोह के अन्य सदस्यों और पहले की गई चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बता दी है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। खासकर घर में आने वाले नए परिचितों या रिश्तेदारों के मामले में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





