बिहार

45 दिन में तैयार फसल ने सुपौल के किसानों को दिया बड़ा मुनाफा

nidhi
31 Aug 2026 10:11 AM IST
45 दिन में तैयार फसल ने सुपौल के किसानों को दिया बड़ा मुनाफा
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पारंपरिक खेती छोड़ गोभी की खेती

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जी उत्पादन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर अगेती गोभी की खेती ने किसानों को कम समय में बेहतर आमदनी का नया रास्ता दिखाया है। महज 45 दिनों में तैयार होने वाली इस फसल को बाजार में अच्छा भाव मिलने से कई किसानों ने धान और अन्य पारंपरिक फसलों के बजाय सब्जी उत्पादन को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है।

सुपौल सदर प्रखंड क्षेत्र के कई किसान अगेती गोभी की खेती कर अपनी आय बढ़ाने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि कम समय में तैयार होने वाली यह फसल मेहनत के मुकाबले अच्छा मुनाफा दे रही है। बाजार में मांग अधिक होने के कारण शुरुआती सीजन में गोभी की कीमत भी अच्छी मिल जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ हो रहा है।
अगेती गोभी की सबसे बड़ी खासियत इसका कम समय में तैयार होना है। सामान्य फसलों की तुलना में किसान जल्दी उत्पादन लेकर बाजार में पहुंच जाते हैं। इससे उन्हें सीजन की शुरुआत में बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है। कई जगहों पर किसानों को गोभी के अच्छे दाम मिलने से उनका रुझान इस खेती की ओर बढ़ा है। किसानों के अनुसार सब्जी खेती में नियमित देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन सही तकनीक और समय पर खेती करने से अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। खेत की तैयारी, बेहतर बीज का चयन, सिंचाई और कीट नियंत्रण पर ध्यान देकर किसान अगेती गोभी से अच्छी कमाई कर रहे हैं।
पारंपरिक खेती में कई बार किसानों को मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ता है। वहीं सब्जी उत्पादन में कम अवधि में पैसा वापस मिलने की संभावना रहती है। इसी वजह से छोटे और सीमांत किसान भी अब सब्जी खेती को आय बढ़ाने के विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।
अगेती गोभी की खेती से जुड़े किसानों का कहना है कि बाजार में इसकी मांग बनी रहती है। स्थानीय मंडियों के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी बिक्री होती है। कुछ किसानों को शुरुआती दौर में बेहतर कीमत मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को केवल एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए। सब्जी उत्पादन, बागवानी और अन्य नकदी फसलों को अपनाने से किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं।
सुपौल जैसे कृषि प्रधान जिले में सब्जी खेती रोजगार और आमदनी का बेहतर माध्यम बन सकती है। अगेती गोभी की सफलता ने कई किसानों को नई दिशा दी है। अब किसान आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए खेती के नए तरीकों को अपना रहे हैं। कम समय में तैयार होने वाली और अच्छी कीमत देने वाली अगेती गोभी ने सुपौल के किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण पैदा की है। आने वाले समय में अगर किसानों को बेहतर प्रशिक्षण, बीज और बाजार की सुविधा मिले तो सब्जी उत्पादन क्षेत्र में और विस्तार की संभावना है।
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