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पेपरलेस निबंधन को लेकर संशय बढ़ा बांका में रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित
बांका: बिहार में शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसका असर जमीन की खरीद-बिक्री पर भी देखने को मिल रहा है। बांका जिले में नई व्यवस्था को लेकर संशय के कारण एक भी जमीन का निबंधन नहीं हो सका, जिससे दस्तावेज लेखक यानी कातिबों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
बताया जा रहा है कि सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से पेपरलेस व्यवस्था लागू करने की पहल की है। इसके तहत जमीन से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन तैयार करने और डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। लेकिन नई व्यवस्था को लेकर लोगों और दस्तावेज लेखकों में अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। बांका निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे कई लोगों को प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। तकनीकी जानकारी की कमी और नई प्रक्रिया को समझने में परेशानी के कारण लोग आगे नहीं बढ़ पाए। इसका सीधा असर जमीन के निबंधन कार्य पर पड़ा और पूरे दिन एक भी दस्तावेज का पंजीकरण नहीं हो सका।
कातिबों के सामने रोजगार का संकट
जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कातिबों की अहम भूमिका रही है। वे वर्षों से जमीन के दस्तावेज तैयार करने और लोगों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में मदद करने का काम करते हैं। लेकिन पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है।
कातिबों का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था में उनकी भूमिका कम हो सकती है। कई दस्तावेज लेखक इस बदलाव को लेकर प्रशिक्षण और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग कर रहे हैं, ताकि वे नई प्रणाली के साथ खुद को जोड़ सकें।
लोगों में भी बनी हुई है असमंजस की स्थिति
जमीन खरीदने और बेचने वाले लोगों को भी नई प्रक्रिया को लेकर पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। कई लोगों को डर है कि कहीं तकनीकी गलती या दस्तावेजों में समस्या के कारण उनका काम अटक न जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नई व्यवस्था अच्छी है, लेकिन इसे लागू करने से पहले आम जनता और संबंधित कर्मचारियों को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाया जाना जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी न हो।
प्रशासन की तैयारी जारी
प्रशासन की ओर से लोगों को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी देने और तकनीकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पेपरलेस रजिस्ट्री से भविष्य में जमीन निबंधन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
सरकार का उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और रजिस्ट्री प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका को सीमित करना है। हालांकि शुरुआती दौर में आने वाली परेशानियों को दूर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिलहाल बांका में पेपरलेस रजिस्ट्री को लेकर लोगों और कातिबों की चिंताएं बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में व्यवस्था सुचारू होने के बाद ही इसका वास्तविक असर साफ हो पाएगा।
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