बिहार
पटना में मिठाई कारोबारियों पर शिकंजा, 23 लाख की मिठाई जब्त
Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 11:44 PM IST

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पटना। दीपावली से ठीक पहले बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 3 नवंबर को विभाग की टीम ने अगमकुआं थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी स्थित पवन मिष्ठान प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 21 हजार 339 किलोग्राम मिठाइयां जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 23 लाख 13 हजार 820 रुपये बताई गई है। जांच के दौरान प्रतिष्ठान के बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित होने की बात सामने आई। कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों के बीच हलचल मच गई है।
दीपावली के अवसर पर मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों को मिठाइयां उपहार में देते हैं। ऐसे में बाजार में मिठाइयों का उत्पादन और बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग के बीच मिलावटी, घटिया और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण अभियान तेज किया है।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान अगमकुआं के बड़ी पहाड़ी इलाके में संचालित पवन मिष्ठान की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में मिठाइयों का भंडारण मिला। टीम ने खाद्य सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद मिठाइयों को जब्त कर लिया।इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इतनी बड़ी मात्रा में मिठाइयों का कारोबार करने वाला प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहा था। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के लिए आवश्यक पंजीकरण अथवा लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसके बावजूद प्रतिष्ठान का बिना लाइसेंस संचालन होना निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
विभाग की कार्रवाई केवल पवन मिष्ठान तक सीमित नहीं रही। शहर की कई अन्य मिठाई दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। निरीक्षण में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पैकेजिंग से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आईं। कुछ प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि एक मिठाई दुकान को बंद करने का आदेश दिया गया।पटना के आलमगंज क्षेत्र में गांधी सेतु रोड स्थित बजरंगपुरी की एक बेकरी में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण किया। यहां खाद्य पदार्थों के भंडारण, साफ-सफाई और तापमान नियंत्रण से जुड़ी कमियां पाई गईं। इसके अलावा कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और कीट नियंत्रण व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज भी संतोषजनक नहीं मिले। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया है।
नोटिस के माध्यम से प्रतिष्ठान संचालक को निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक सुधार करने और अनुपालन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।इसी तरह जकरियापुर के शिवनगर स्थित एक केक बेकरी की जांच के दौरान कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। विभाग ने इस प्रतिष्ठान को भी सुधार नोटिस जारी करते हुए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भूतनाथ के बहादुरपुर इलाके में स्थित संजय मिठाई घर का भी निरीक्षण किया। यहां जांच के दौरान प्रतिबंधित मेटानिल येलो के 30 पैकेट और हाइड्रो के तीन पैकेट मिले। विभागीय टीम ने इन सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा दुकान से बेसन के लड्डू का नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।इस प्रतिष्ठान के पास भी वैध खाद्य लाइसेंस नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने दुकान बंद करने का आदेश जारी किया। अधिकारियों की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों और रसायनों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कई बार मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए ऐसे रंगों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। इसी प्रकार मिठाइयों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के नाम पर अनुचित रसायनों का उपयोग भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी प्रतिष्ठान से मिठाइयां जब्त किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी जब्त मिठाइयों में मिलावट की पुष्टि हो चुकी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें संभावित मिलावट की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच तथा अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
विभागीय निरीक्षण में कुछ प्रतिष्ठानों की पैकेजिंग पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी आवश्यक जानकारियां भी नहीं मिलीं। ये जानकारियां उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उपयोग की निर्धारित अवधि समझने में मदद करती हैं। इनके अभाव में ग्राहक के लिए यह जानना मुश्किल हो सकता है कि मिठाई कब तैयार की गई थी और उसे कब तक खाना सुरक्षित है।विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को मिठाइयां खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अत्यधिक चमकीले रंग वाली मिठाइयों, असामान्य गंध वाले खाद्य पदार्थों और खुले में असुरक्षित तरीके से रखी गई सामग्री से बचना चाहिए। पैकिंग वाली मिठाइयों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और अन्य आवश्यक विवरण अवश्य देखने चाहिए।
इसके अलावा ग्राहकों को अधिकृत और साफ-सुथरे प्रतिष्ठानों से ही मिठाई खरीदने को प्राथमिकता देनी चाहिए। खरीदारी के समय बिल लेना भी उपयोगी है, ताकि गुणवत्ता संबंधी शिकायत होने पर संबंधित प्रतिष्ठान की पहचान की जा सके।पटना में हुई इस कार्रवाई ने त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक ही प्रतिष्ठान से 21 हजार किलोग्राम से अधिक मिठाइयों की जब्ती यह दर्शाती है कि बड़े पैमाने पर खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है।
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