बिहार

एसआईआर की फाइनल सूची को लेकर सीपीआई (एमएल) ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

SHIDDHANT
4 Oct 2025 8:21 PM IST
एसआईआर की फाइनल सूची को लेकर सीपीआई (एमएल) ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब
x
Bihar बिहार : आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीपीआई (एमएल) ने मतदाता सूची (एसआईआर) की फाइनल लिस्ट को लेकर निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी ने पत्र लिखकर कहा कि फाइनल लिस्ट में कई असंगतियां हैं और इन पर जवाब अभी तक नहीं मिला है। सीपीआई (एमएल) ने बताया कि ड्राफ्ट लिस्ट में 65 लाख लोगों के नाम कटने के बाद फाइनल लिस्ट में अतिरिक्त 3 लाख 66 हजार नाम हटा दिए गए। पार्टी ने सवाल उठाया कि यह नाम किस आधार पर हटाए गए और सार्वजनिक विवरण क्यों नहीं दिया गया। साथ ही पार्टी ने मांग की कि हटाए गए सभी मतदाताओं की सूची कारण सहित बूथवार जारी की जाए।
फाइनल लिस्ट में करीब 21 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जिनमें कुछ नए हैं और कुछ जिन्होंने दावा-आपत्ति के बाद बहाल किए गए। पार्टी ने महिला मतदाताओं की संख्या में कमी को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। जनगणना के अनुसार बिहार में पुरुष-महिला अनुपात 914 है, लेकिन फाइनल लिस्ट में यह 892 दर्शाया गया। सीपीआई (एमएल) ने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि लगभग 6 हजार लोगों की नागरिकता संदिग्ध बताई जा रही है और इनकी सूची और आधार सार्वजनिक किए जाने चाहिए। साथ ही पार्टी ने चुनाव आयोग से बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराने का सुझाव दिया, ताकि प्रक्रिया थकाऊ न हो और संसाधनों की असमानता न पैदा हो।
पार्टी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनीय अधिकारियों को परेडिंग ऑफिसर बनाए जाने, पोलिंग एजेंटों को 17सी फॉर्म नहीं मिलने और दलित-मुस्लिम वंचित समुदायों के मतदाताओं के लिए उचित बूथ न होने की भी शिकायत की। सीपीआई (एमएल) ने आयोग से आग्रह किया कि सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बने। पार्टी ने कहा कि उनका उद्देश्य मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखना है।
Next Story