बिहार

गोपालगंज में कोर्ट का आदेश, युवती अपनी मर्जी से रवाना

Saba Naaz
29 Jun 2026 8:27 PM IST
गोपालगंज में कोर्ट का आदेश, युवती अपनी मर्जी से रवाना
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गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से एक बड़ा और सामाजिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सामने आया है। गोपालगंज न्यायालय ने भोरे थाना क्षेत्र से लापता हुई एक बालिग (वयस्क) युवती के मामले में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सर्वोपरि रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत में पेशी के दौरान युवती ने स्पष्ट और साहसिक शब्दों में उत्तर प्रदेश के बलिया की एक युवती के साथ अपनी मर्जी से रहने की इच्छा जताई थी। न्यायालय ने कानून सम्मत फैसला लेते हुए कहा कि युवती बालिग है, इसलिए उसे अपनी स्वेच्छा से जीवन जीने और अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति के साथ रहने का पूरा कानूनी अधिकार है। अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद दोनों युवतियां खुशहाल भविष्य के साथ बलिया के लिए रवाना हो गईं।

कोर्ट में युवती ने दर्ज कराया बयान: 'अपनी मर्जी से गई थी'

इस मामले की पृष्ठभूमि में जाएं तो भोरे थाना पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर दोनों युवतियों को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से सकुशल बरामद किया था। इसके बाद सोमवार को उन्हें गोपालगंज न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत भोरे की रहने वाली युवती (परिवर्तित नाम: काजल) का आधिकारिक बयान दर्ज कराया गया। मजिस्ट्रेट के सामने बयान देते हुए युवती ने बिना किसी दबाव के दृढ़ता से कहा कि वह कानूनन बालिग है और अपनी मर्जी से बलिया की रहने वाली युवती (परिवर्तित नाम: आरती) के साथ गई थी। युवती ने न्यायाधीश को बताया कि वे दोनों पिछले कई वर्षों से एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानती हैं, उनके बीच गहरा भावनात्मक लगाव है और वे भविष्य में भी हमेशा एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताना चाहती हैं।

डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी चार साल पुरानी प्रेम कहानी

पुलिसिया जांच और तकनीकी विश्लेषण से इस पूरे मामले की जो परतें खुलीं, वे बेहद दिलचस्प हैं। जांच में यह बात सामने आई कि दोनों युवतियां किसी अनजान माध्यम से नहीं, बल्कि पिछले करीब चार वर्षों से एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थीं। धीरे-धीरे उनकी यह दोस्ती बेहद मजबूत रिश्ते में बदल गई। आपसी सहमति और गहरे भरोसे के बाद ही दोनों ने साथ रहने का बड़ा फैसला किया था। 24 अप्रैल को भोरे क्षेत्र की युवती अचानक अपने घर से लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

मोबाइल लोकेशन से खुली लोकेशन, परिजनों की चिंता हुई दूर

युवती के अचानक गायब होने से परेशान परिजनों ने पुलिस को उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था। भोरे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब एक महीने बाद तकनीकी सेल की मदद से जब उस मोबाइल नंबर की जांच की, तो युवती की अंतिम लोकेशन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पाई गई। इसके बाद बिहार पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत बलिया में छापेमारी कर दोनों युवतियों को ढूंढ निकाला और कानूनी प्रक्रिया के तहत गोपालगंज लेकर आई।

कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बलिया के लिए भरी उड़ान

न्यायालय ने युवती के बालिग होने के अकाट्य प्रमाणों और उसकी स्वतंत्र इच्छा का सम्मान करते हुए स्पष्ट किया कि देश का संविधान हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से पार्टनर चुनने और जीने का अधिकार देता है। अदालत के इस फैसले के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस दोनों युवतियों को भोरे थाना लेकर आई, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई और लिखा-पढ़ी पूरी की गई। सभी विधिक प्रक्रियाएं संपन्न होने के बाद दोनों युवतियां समाज और कानून के संरक्षण में एक साथ उत्तर प्रदेश के बलिया के लिए रवाना हो गईं। इस फैसले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता के क्षेत्र में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।

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