
Bihar: सोनो (जमुई)। बरनार नदी पर सोनो-चुरहेत के बीच बने बेली ब्रिज के एक साइड का प्लेट टूट जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल पुल पर यातायात सामान्य रूप से जारी है और आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन पुल की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
यह बेली ब्रिज प्रखंड की लगभग आधी आबादी के लिए जीवन रेखा माना जाता है। इसके जरिए नदी के उस पार स्थित करीब दस पंचायतों के लोग प्रखंड मुख्यालय से जुड़े हुए हैं। रोजाना हजारों लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए इस पुल का उपयोग करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की क्षति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बेली ब्रिज के समानांतर एक उच्च स्तरीय आरसीसी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन उसके पूरा होने में अभी समय लगेगा। तब तक लोगों की निर्भरता इसी पुराने बेली ब्रिज पर बनी रहेगी।
गौरतलब है कि सितंबर 2023 में बरनार नदी पर स्थित काजवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर बेली ब्रिज बनाने का निर्देश दिया था। प्रशासन ने कुछ ही महीनों में पुल बनाकर आवागमन बहाल किया था।
इससे पहले भी 16 सितंबर 2024 को तेज जल प्रवाह के कारण पुल का बेस पिलर आंशिक रूप से धंस गया था, जिससे पुल झुकने लगा था। उस समय इंजीनियरों की टीम ने मरम्मत कर स्थिति को संभाला था।
अब एक बार फिर साइड प्लेट टूटने की घटना से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि पुल की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।





