बिहार

सक्षमता परीक्षा से सामने आया नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में बड़ा फर्जीवाड़ा

Admindelhi1
18 March 2024 6:54 AM GMT
सक्षमता परीक्षा से सामने आया नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में बड़ा फर्जीवाड़ा
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नालंदा: सक्षमता परीक्षा में शामिल होने वाले नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. एक ही रॉल नंबर पर अमित कुमार मुजफ्फरपुर में भी, समस्तीपुर में भी और बांका-नालंदा में भी मिले हैं. जिले में दो दर्जन से अधिक शिक्षक धरे गए हैं, जिनमें दो-तीन शिक्षकों का टीईटी रॉल नंबर और सर्टिफिकेट नंबर एक ही है. कई जगह एक ही रॉल नंबर पर कहीं दो तो कहीं चार से पांच शिक्षक तक बहाल हैं. एक ही रॉल नंबर पर बहाल इन शिक्षकों के नाम सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

रॉल नंबर, नाम, पिता का नाम सब एक और अलग-अलग जिले में ये शिक्षक नौकरी कर रहे हैं. चार अमित कुमार में दो के पिता चन्द्रशेखर तो दो के पिता अवध नरेश प्रसाद हैं. कमाल यह कि तीन अमित कुमार का एक ही रॉल नंबर है. मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, गया समेत अन्य जिलों में नौकरी कर रहे 1 शिक्षक ऐसे हैं, जिनका टीईटी रॉल नंबर 0 है. टीईटी में रॉल नंबर तीन डिजिट का होता ही नहीं है, लेकिन 20 के ये टीईटी शिक्षक बकायदा सालों से इस सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रहे हैं. 0 रॉल नंबर वालों में मुजफ्फरपुर के दो शिक्षक शामिल हैं. इनमें एक कटरा और एक मीनापुर के स्कूल में कार्यरत हैं. यही नहीं, मुजफ्फरपुर समेत चार जिलों में अर्चना कुमारी हैं और इनमें तीन-चार का एक ही रॉल नंबर है. कमाल यह कि केवल एक रॉल नंबर पर अलग-अलग जिले में ही शिक्षक नौकरी नहीं कर रहे बल्कि जिले के एक ही प्रखंड में दो शिक्षक एक ही रॉल नंबर वाले हैं. एक स्कूल में भी दो-दो शिक्षक एक रॉल नंबर पर बहाल हैं.

इन शिक्षकों को जांच के लिए बुलाया गया है. तीन दिन के भीतर सभी प्रमाणपत्र जमा करने का आदेश है. अधिकांश शिक्षकों के डुप्लीकट सर्टिफिकेट 20 और वाले हैं.

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