बिहार

शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी ने पत्नी संग की कलश स्थापना, मां दुर्गा से मांगा आशीर्वाद

Kavita2
11 Oct 2026 3:50 PM IST
शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी ने पत्नी संग की कलश स्थापना, मां दुर्गा से मांगा आशीर्वाद
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पटना। शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही बिहार में मां दुर्गा की आराधना का दौर शुरू हो गया है। रविवार को नवरात्र के पहले दिन प्रदेशभर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां भगवती की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार का अवकाश होने के कारण लोगों को पूजा-पाठ के लिए पर्याप्त समय मिला। आम लोगों के साथ राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने भी देवी दुर्गा की आराधना की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने लोकसेवक आवास में धर्मपत्नी के साथ कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूजा की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा कीं।

मुख्यमंत्री की ओर से साझा की गई तस्वीरों में वह अपनी पत्नी के साथ मां दुर्गा की आराधना करते दिखाई दे रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा की और देवी भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवरात्र के पहले दिन भक्तिमय हुआ वातावरण

शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। मां दुर्गा के भक्तों ने नवरात्र के पहले दिन पूजा-अर्चना कर देवी की आराधना शुरू की।

रविवार को अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं को पूजा के लिए पर्याप्त समय मिला। लोगों ने अपने घरों में विधि-विधान से मां भगवती की आराधना की।

नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दौरान नौ दिनों तक देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।

श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

प्रदेश में भी नवरात्र के शुभारंभ के साथ लोगों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की कलश स्थापना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन अपने आवास पर कलश स्थापना की।

उन्होंने लोकसेवक आवास में अपनी धर्मपत्नी के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से देवी भगवती की आराधना करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।

नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसे देवी आराधना की शुरुआत का प्रमुख अनुष्ठान माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने भी इसी परंपरा का पालन करते हुए अपने आवास पर पूजा की।

पूजा के दौरान उनकी धर्मपत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं।

पत्नी संग मां दुर्गा की आराधना करते दिखे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवरात्र के पहले दिन अपनी पत्नी के साथ पूजा-अर्चना की।

उन्होंने मां भगवती की आराधना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में दोनों देवी दुर्गा की पूजा करते दिखाई दे रहे हैं।

इन तस्वीरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान की झलक सामने आई।

नवरात्र के अवसर पर परिवार के साथ देवी की आराधना करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

मुख्यमंत्री ने भी अपनी धर्मपत्नी के साथ कलश स्थापना और पूजा-अर्चना कर इस धार्मिक परंपरा का पालन किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की तस्वीरें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आवास पर की गई पूजा-अर्चना की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं।

इन तस्वीरों में मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ मां दुर्गा की आराधना करते नजर आ रहे हैं।

तस्वीरों के माध्यम से नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री द्वारा की गई कलश स्थापना और देवी पूजा की जानकारी सामने आई।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने तस्वीरों के साथ क्या संदेश लिखा, इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसलिए उनके नाम से किसी अतिरिक्त बयान या संदेश का उल्लेख करना उचित नहीं होगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पूजा की तस्वीरें साझा कर अपने धार्मिक अनुष्ठान की झलक दिखाई।

रविवार का अवकाश होने से श्रद्धालुओं को मिला समय

इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत रविवार को हुई। अवकाश का दिन होने के कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए पर्याप्त समय मिला।

नवरात्र के पहले दिन घरों में कलश स्थापना और देवी पूजा का विशेष महत्व होता है।

श्रद्धालु पूजा की तैयारियों के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं।

रविवार होने से कामकाजी लोगों और परिवारों को भी पूजा-पाठ में समय देने का अवसर मिला।

प्रदेश में आम लोगों से लेकर सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों तक ने मां भगवती की आराधना की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने आवास पर परिवार के साथ पूजा की।

नवरात्र में कलश स्थापना का धार्मिक महत्व

शारदीय नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की परंपरा है। इसे घटस्थापना भी कहा जाता है।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाली देवी आराधना की शुरुआत होती है।

श्रद्धालु अपने घरों और पूजा स्थलों पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान करते हैं।

इसके बाद नवरात्र के दौरान देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।

कलश स्थापना को शुभता और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नवरात्र के पहले दिन अपने लोकसेवक आवास में सपत्नी कलश स्थापना कर देवी दुर्गा की पूजा की।

मां शैलपुत्री की आराधना से शुरू होता है नवरात्र

शारदीय नवरात्र के पहले दिन परंपरागत रूप से मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं में मां शैलपुत्री को शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक माना गया है।

नवरात्र के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना का विधान है।

श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

नवरात्र का पर्व भक्ति, संयम और आध्यात्मिक साधना से जुड़ा हुआ है।

इस दौरान लोग अपने परिवार और समाज के लिए सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं।

बिहार में भी नवरात्र के पहले दिन इसी धार्मिक भावना के साथ मां भगवती की आराधना की गई।

सुख-समृद्धि की कामना के साथ देवी की पूजा

नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।

रविवार को प्रदेश में आम लोगों के साथ सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने भी देवी भगवती की आराधना की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आवास पर पत्नी के साथ पूजा-अर्चना कर नवरात्र की शुरुआत की।

मां दुर्गा की आराधना के दौरान कलश स्थापना का धार्मिक अनुष्ठान भी किया गया।

नवरात्र के नौ दिनों में श्रद्धालु देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं।

इस पर्व को धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं से भी जोड़कर देखा जाता है।

मुख्यमंत्री की पूजा की तस्वीरें आईं सामने

शारदीय नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा की गई पूजा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने एक्स अकाउंट पर तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह अपनी धर्मपत्नी के साथ देवी दुर्गा की आराधना करते दिखाई दे रहे हैं।

लोकसेवक आवास में कलश स्थापना के साथ मुख्यमंत्री ने नवरात्र की पूजा शुरू की।

रविवार को नवरात्र का पहला दिन होने के कारण प्रदेश में भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां भगवती की आराधना की।

इस प्रकार शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ बिहार में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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