बिहार

पटना में बढ़ रहा CNG का नेटवर्क, सात साल में तीन से बढ़कर 41 हुए स्टेशन

Kavita2
11 Aug 2026 10:57 AM IST
पटना में बढ़ रहा CNG का नेटवर्क, सात साल में तीन से बढ़कर 41 हुए स्टेशन
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पटना। राजधानी पटना में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। शहर में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ इसकी खपत में भी कई गुना वृद्धि हुई है। करीब सात वर्ष पहले जहां गेल इंडिया ने पटना में महज तीन सीएनजी स्टेशनों से आपूर्ति की शुरुआत की थी, वहीं अब राजधानी और आसपास के इलाकों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

सीएनजी नेटवर्क के इस विस्तार को शहर में स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग से जोड़कर देखा जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माने जाने वाले सीएनजी की ओर वाहन चालकों का रुझान बढ़ा है। इसी मांग को पूरा करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या लगातार बढ़ाई गई है।

सात साल पहले तीन स्टेशनों से हुई शुरुआत

पटना में सीएनजी की आपूर्ति की शुरुआत गेल इंडिया ने करीब सात वर्ष पहले की थी। उस समय राजधानी में केवल तीन सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे थे। शुरुआत में नेटवर्क सीमित होने के कारण सीएनजी की उपलब्धता भी कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित थी।

धीरे-धीरे सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ी और इसके साथ ईंधन की मांग में भी इजाफा हुआ। मांग को देखते हुए नए स्टेशनों की स्थापना का सिलसिला शुरू हुआ। इससे सीएनजी की उपलब्धता राजधानी के अधिक क्षेत्रों तक पहुंचने लगी।

फरवरी 2025 तक 30 स्टेशन

सीएनजी नेटवर्क के विस्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी 2025 तक पटना और आसपास के इलाकों में कुल 30 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे थे। यानी शुरुआती तीन स्टेशनों की तुलना में नेटवर्क कई गुना बढ़ चुका था।

फरवरी 2025 के बाद भी नए स्टेशन खोलने की प्रक्रिया जारी रही। राजधानी में बढ़ती मांग और सीएनजी वाहनों की संख्या को देखते हुए नेटवर्क को और विस्तार दिया गया। अब वर्तमान में पटना और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या 41 हो गई है।

बढ़ती खपत ने बढ़ाई जरूरत

सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ने के पीछे प्रमुख कारण इसकी बढ़ती खपत है। जैसे-जैसे सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे नियमित रूप से ईंधन की जरूरत भी बढ़ती गई।

शहर में सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों के अलावा व्यावसायिक वाहनों में भी सीएनजी का इस्तेमाल बढ़ा है। अधिक वाहन सीएनजी पर आने से स्टेशनों पर मांग बढ़ी और नए क्षेत्रों में सीएनजी उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस हुई।

नेटवर्क के विस्तार से उन वाहन चालकों को भी राहत मिलती है जिन्हें पहले सीएनजी भरवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

राजधानी के साथ आसपास के इलाके भी जुड़े

सीएनजी नेटवर्क का विस्तार केवल पटना शहर तक सीमित नहीं है। आसपास के इलाकों में भी स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन करने वाले सीएनजी वाहनों को सुविधा मिल रही है।

पटना से जुड़े क्षेत्रों में सीएनजी की उपलब्धता बढ़ने से लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भी ईंधन की चिंता कम हुई है। नेटवर्क बढ़ने के साथ सीएनजी वाहनों के लिए ईंधन भरवाने के विकल्प भी बढ़े हैं।

स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा

सीएनजी को पारंपरिक पेट्रोल और डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है। शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों के बीच प्राकृतिक गैस आधारित वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाता है।

पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाना प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

सीएनजी नेटवर्क के विस्तार से अधिक लोगों के लिए इस ईंधन का इस्तेमाल करना आसान हो रहा है। इससे भविष्य में सीएनजी वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना भी बनती है।

सात साल में बड़ा बदलाव

सात वर्ष पहले तीन सीएनजी स्टेशनों से शुरू हुआ नेटवर्क अब 41 स्टेशनों तक पहुंच चुका है। यह विस्तार बताता है कि राजधानी में सीएनजी की मांग और उपयोग दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

फरवरी 2025 तक 30 स्टेशन होने के बाद भी नेटवर्क का विस्तार जारी रहना इस बात का संकेत है कि मौजूदा स्टेशनों के अलावा नए क्षेत्रों में भी सीएनजी की जरूरत महसूस की जा रही है।

वाहन चालकों की बढ़ती संख्या और खपत को देखते हुए आने वाले समय में नेटवर्क को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

बढ़ती मांग के साथ आगे की चुनौती

सीएनजी नेटवर्क का विस्तार होने के साथ अब इसकी उपलब्धता को लगातार बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। स्टेशनों की संख्या बढ़ने के साथ आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है, ताकि बढ़ती मांग के अनुरूप ईंधन उपलब्ध हो सके।

राजधानी में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने पर आने वाले समय में स्टेशनों पर दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में नए स्टेशनों की स्थापना के साथ मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना भी अहम होगा।

पटना में तीन स्टेशनों से शुरू हुई सीएनजी आपूर्ति अब 41 स्टेशनों तक पहुंच गई है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रहा यह विस्तार स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग और परिवहन क्षेत्र में बदलती ईंधन प्राथमिकताओं को दर्शाता है। यदि नेटवर्क इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में पटना में सीएनजी की उपलब्धता और उपयोग दोनों में और वृद्धि होने की संभावना है।

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