
पटना, बिहार। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए नया ‘Triple T’ फॉर्मूला लागू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अब बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था को Technology, Transparency और Trust के आधार पर मजबूत किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस मॉडल से न सिर्फ कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में आधुनिक तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी बन सकें। साथ ही सभी विभागों में जवाबदेही तय की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को रोका जा सके। सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात भी दोहराई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नियम बनाने से नहीं बल्कि उनके ईमानदार क्रियान्वयन से सुनिश्चित होता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से प्रेरित होकर बिहार में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत एक जागरूकता सप्ताह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, विजिलेंस, स्पेशल यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई समेत सभी जांच एजेंसियों को और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जांच एजेंसियां इतनी मजबूत होनी चाहिए कि दूसरे राज्य भी उनसे सहयोग लें।
ब्लॉक कार्यालयों और थानों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेकर सुधार करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी पद पर क्यों न हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अब कोई शॉर्टकट नहीं चलेगा और गलत रास्ता अपनाने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करना है।





