
पटना। शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना स्थित नवयुवक संघ श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को महानवमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए राज्य की सुख-शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए भी प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नवरात्रि के दौरान विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। इससे पहले 17 अक्टूबर को महासप्तमी के अवसर पर भी उन्होंने राजधानी के कई पूजा पंडालों में दर्शन किए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी आधिकारिक जानकारी जारी की थी।
नवयुवक संघ के पंडाल में की पूजा-अर्चना
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नवयुवक संघ श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडाल पहुंचे।
यहां उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा से बिहार निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे और प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि बनी रहे।
प्रदेशवासियों को दी महानवमी की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महानवमी के अवसर पर बिहार के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने इस पावन पर्व को शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया।
महानवमी शारदीय नवरात्रि का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की पूजा से भक्तों को सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता बनाए रखने की कामना भी की।
बिहार की निरंतर प्रगति के लिए की प्रार्थना
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की कामना की।
उन्होंने प्रदेश के विकास, नागरिकों के कल्याण और समृद्ध भविष्य की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
बिहार ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है। यहां नवरात्रि और दुर्गा पूजा का आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जाता है।
ऐसे आयोजनों को सामाजिक एकजुटता और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का अवसर भी माना जाता है।
विकसित भारत के संकल्प का किया उल्लेख
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए प्रार्थना की।
विकसित भारत का लक्ष्य देश में आर्थिक विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री ने बिहार की प्रगति को राष्ट्रीय विकास के व्यापक लक्ष्य से जोड़ते हुए राज्य के निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।
उन्होंने देश और प्रदेश में सुख-समृद्धि तथा नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए मां दुर्गा से आशीर्वाद मांगा।
महासप्तमी पर भी कई पंडालों में किए थे दर्शन
महानवमी से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार, 17 अक्टूबर को महासप्तमी के अवसर पर पटना के कई प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा किया था।
उन्होंने जगदेव पथ स्थित मून क्लब, बोरिंग रोड स्थित भद्रकाली मंदिर और बोरिंग रोड चौराहे के पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन किए थे।
इसके अलावा खाजपुरा, राजा बाजार, शेखपुरा और गर्दनीबाग के पूजा स्थलों पर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की थी।
मुख्यमंत्री ने उस दौरान भी बिहार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की थी।
दुर्गा पूजा को लेकर पटना में उत्साह
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर राजधानी पटना में विभिन्न पूजा समितियों की ओर से आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मोहल्लों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
इन पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
महानवमी के दिन पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए आयोजन समितियां भी व्यवस्थाओं में जुटी हैं।
कई स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान, हवन और कन्या पूजन का आयोजन किया जा रहा है।
महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
इस दिन श्रद्धालु छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन करते हैं।
कन्याओं को भोजन कराने और उपहार देने की परंपरा भी प्रचलित है।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ नवरात्रि के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं।
वर्ष 2026 में महानवमी की तिथि 19 अक्टूबर को शुरू होकर 20 अक्टूबर तक रहेगी।
पूजा पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए बिहार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
पटना सहित विभिन्न जिलों में पूजा पंडालों के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस प्रशासन ने आयोजकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था रखने को कहा है।
महानवमी के अवसर पर पुलिस ने प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास सतर्कता बढ़ाई है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की कामना करते हुए धार्मिक आयोजनों के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
बिहार में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय कला, सजावट, मूर्तिकला और सामूहिक सहभागिता का भी अवसर है।
इन आयोजनों से स्थानीय कलाकारों, मूर्तिकारों, फूल विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक गतिविधियों के अवसर मिलते हैं।
दुर्गा पूजा की परंपराएं विभिन्न समुदायों को एक साथ जोड़ने और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदेश की खुशहाली की कामना
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूजा-अर्चना के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि और विकास का संदेश प्रमुख रहा।
उन्होंने मां दुर्गा से बिहार की निरंतर प्रगति, सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए प्रार्थना की।
राजधानी सहित पूरे बिहार में महानवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पूजा पंडालों में धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की।





