बिहार
CM नीतीश ने कहा- हमलोग बजट का 25% तक शिक्षा पर करेंगे खर्च, नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगी कारवाई
Shantanu Roy
12 Nov 2022 12:13 PM GMT
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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान में बजट का 21 प्रतिशत तक हिस्सा पढ़ाई पर खर्च हो रहा है तथा उनकी सरकार 25 प्रतिशत तक शिक्षा पर खर्च करेगी। यहां भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री दिवंगत मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिवस पर आयोजित 'शिक्षा दिवस' कार्यक्रम में नीतीश ने प्रदेश में शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च करने का दावा किया।
स्कूल में नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
नीतीश कुमार ने कहा कि अभी बजट का 21 प्रतिशत तक हिस्सा पढ़ाई पर खर्च हो रहा है तथा उनकी सरकार 25 प्रतिशत तक शिक्षा पर खर्च करेगी। उन्होंने शिक्षा के विकास के लिए प्रदेश में कई कदमों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षकों की बहाली की गई तथा महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय बनाए गए। उन्होंने कहा, ''हम आप शिक्षकों से कहेंगे कि आपलोग स्कूल जाएं और बच्चों को ठीक से पढ़ाएं। जो शिक्षक स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं उन पर कार्रवाई करें।'' कुमार ने कहा कि हमारे सत्ता में आने के बाद जब अध्ययन कराया गया तो पता चला कि साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे और बच्चियां स्कूल नहीं जाते हैं। उनका कहना था कि मुस्लिम समुदाय और महादलित समुदाय के बच्चे इसमें सबसे ज्यादा थे, उसके बाद इनके लिए पढ़ने का इंतजाम सरकार ने कराया। उनके अनुसार अब 0.5 प्रतिशत से भी कम बच्चे-बच्चियां स्कूल से बाहर हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि सभी पढ़ें।
लड़कों के बराबर परीक्षा में शामिल हो रही लड़कियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सर्वे से जानकारी मिली कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश का प्रजनन दर दो और बिहार का प्रजनन दर भी दो है लेकिन पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर (मीडिएट) पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 और बिहार का 1.6 है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 में बिहार का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर आज 2.9 पर आ गया है। उन्होंने कहा कि लड़कियां पढ़ेंगी तो राज्य का प्रजनन दर 2.9 से घटकर 2 पर आ जाएगा। कुमार ने कहा कि लड़कियों को शिक्षित करने के लिए पोशाक योजना, साईकिल योजना समेत कई इंतजाम किए गए हैं, फलस्वरूप बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने लगीं और आज लड़कों के बराबर लड़कियां मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रही हैं।
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