बिहार

गिरते जलस्तर से निपटने को चार प्रखंडों में बनेंगे तालाबों के क्लस्टर

Admin Delhi 1
18 July 2023 12:29 PM GMT
गिरते जलस्तर से निपटने को चार प्रखंडों में बनेंगे तालाबों के क्लस्टर
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नालंदा न्यूज़: गिरते भू-जलस्तर से निपटने के लिए नालंदा जिले के चार प्रखंडों में तालाबों के क्लस्टर बनेंगे. चयनित प्रखंडों में एक ओवर एक्सप्लॉइट (अति शोषित) तो तीन क्रिटिकल जोन में आते हैं.

जल-जीवन-हरियाली योजना से जल संरक्षण के लिए 54 छोटे-बड़े तालाबों की शृंखला बनायी जाएगी. राहत यह कि निजी जमीन पर तालाब खुदवाने वालों को सरकार 90 फीसद अनुदान देगी. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवेदकों का चयन होना है.

लाभुकों को दो आकार के तालाब बनाने की छूट दी गयी है. दोनों की लागत अलग-अलग है. 150 फीट लम्बा, 100 फीट चौड़ा व आठ फीट गहरा 31 तालाब बनने हैं. हर तालाब के निर्माण पर दो लाख 56 हजार खर्च होगा. जबकि, 100 फीट चौड़ा तो 66 फीट लम्बा और 10 फीट गहरा 23 तालाब बनेंगे. एक तालाब के निर्माण पर एक लाख 60 हजार रुपए खर्च होगा.

अनुदान पर तालाब बनाने के इच्छुक लोगों क्र्रो ु६२ि. ुँं१. ॅ५. ल्ल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. ध्यान यह रखाना है कि आवेदन के समय किसान निबंधन संख्या, अद्यतन रसीद, एलपीसी, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरणी देनी होगी. शर्त यह भी लगायी गयी है कि पहले तालाब बनाना होगा, उसके बाद अनुदान की राशि मिलेगी. राहत यह भी कि चयनित प्रखंडों से लक्ष्य के अनुसार आवेदन नहीं आ पाएंगे तो अन्य प्रखंडों के किसानों को भी मौका मिलेगा.

1.11 करोड़ से आहरों का जीर्णोद्धार

गाद से भर चुके आहरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा. ताकि, नदियों का पानी आहर से होकर खेतों तक आसानी से जा सके.

90 यूनिट (एक यूनिट की लम्बाई 500 फीट) का लक्ष्य जिला को मिला है. प्रति यूनिट एक लाख 23 हजार छह सौ रुपए खर्च किये जाएंगे. 45 हजार फीट आहरों के जीर्णोद्धार पर एक करोड़ 11 लाख खर्च होगा. अच्छी बात यह कि 100 फीसद अनुदान विभाग देगा. जबकि, किसान चाहें तो अपने खेतों की मेढ़बंदी भी करा सकते हैं. 60 यूनिट का लक्ष्य है.

प्रति यूनिट 6252 रुपए खर्च होगा. 90 फीसद अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए सभी तरह की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. सभी को इस बात की जानकारी दे दी गई है. सभी को जानकारी दी जा रही है.

इन प्रखंडों का चयन

1. नगरनौसा (ओवर एक्सप्लॉइट)

2. करायपरसुराय (क्रिटिकल)

3. गिरियक (क्रिटिकल)

4. एकंगरसराय (क्रिटिकल)

क्रिटिकल व ओवर ओवर एक्सप्लॉइट जोन में आने वाले चार प्रखंडों में जल संचयन के लिए निजी जमीन पर तालाब बनाये जाने हैं. अजीत प्रकाश, सहायक निदेशक, भूमि संरक्षण विभाग

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