
सुल्तानगंज। नेपाल के मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव एवं कृषि मंत्री श्याम पटेल शनिवार को बिहार के प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम पहुंचे। दोनों अतिथियों ने यहां गंगा स्नान किया और बाबा अजगैवीनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना हुए। नेपाल से आए दोनों जनप्रतिनिधियों के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।
देवघर रवाना होने से पहले दोनों अतिथियों का नमामि गंगे घाट स्थित एक होटल में जन संसद के संरक्षक अजीत कुमार ने स्वागत किया। इस दौरान भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत में दोनों देशों के बीच आस्था, परंपरा और धार्मिक यात्राओं के माध्यम से मजबूत हो रहे संबंधों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अजगैवीनाथ धाम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव और कृषि मंत्री श्याम पटेल ने गंगा में स्नान किया। इसके बाद उन्होंने गंगाजल भरा और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए। श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवरिये देवघर जाते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के तहत नेपाल के दोनों अतिथियों ने भी गंगा स्नान कर जल लिया और देवघर की यात्रा शुरू की।
श्रावणी मेला की व्यवस्था की सराहना
मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने अजगैवीनाथ धाम में श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां से गंगाजल लेकर देवघर की ओर प्रस्थान करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद बिहार सरकार की ओर से की गई तैयारियां प्रशंसनीय हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए बिहार सरकार को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा बनाए रखने की बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने इस दिशा में सराहनीय काम किया है।
कृष्ण प्रसाद यादव ने भविष्य में श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
भारत-नेपाल के धार्मिक रिश्तों पर चर्चा
स्वागत समारोह के दौरान भारत और नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच सदियों से धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। नेपाल और भारत के विभिन्न धार्मिक स्थलों के बीच श्रद्धालुओं का आवागमन इस रिश्ते को और मजबूत करता है।
अजगैवीनाथ धाम और देवघर की धार्मिक यात्रा भी इसी साझा आस्था का उदाहरण है। नेपाल के श्रद्धालु भी समय-समय पर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। इसी तरह भारत के श्रद्धालुओं का नेपाल के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर आना-जाना होता है।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों के बीच आपसी सद्भाव और मित्रता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों और यात्राओं के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होता है।
अजगैवीनाथ धाम से देवघर की ओर रवाना
गंगा स्नान और जल भरने के बाद नेपाल के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव एवं कृषि मंत्री श्याम पटेल देवघर के लिए रवाना हो गए। श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज का अजगैवीनाथ धाम कांवर यात्रा का प्रमुख प्रारंभिक केंद्र होता है। यहां गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने के लिए देवघर की यात्रा करते हैं।
नेपाल के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का भी इसी धार्मिक परंपरा के तहत देवघर जाना विशेष माना गया। दोनों अतिथियों ने अजगैवीनाथ धाम की धार्मिक महत्ता को देखा और यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
अतिथियों का किया गया स्वागत
नमामि गंगे घाट स्थित होटल में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान जन संसद के संरक्षक अजीत कुमार ने मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव और कृषि मंत्री श्याम पटेल का स्वागत किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने दोनों अतिथियों का अभिनंदन किया। बातचीत के दौरान धार्मिक पर्यटन और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने बिहार सरकार की ओर से श्रावणी मेला में की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करना आसान कार्य नहीं है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए प्रयासों से उन्हें काफी प्रसन्नता हुई।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रिश्ते केवल राजनीतिक या आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध बेहद गहरे हैं। धार्मिक यात्राएं और साझा परंपराएं इन संबंधों को लगातार मजबूती प्रदान करती हैं।
नेपाल के मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की अजगैवीनाथ धाम यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली। गंगा स्नान और जल भरने के बाद दोनों अतिथियों का देवघर रवाना होना श्रावणी मेले की धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर रहा। बिहार सरकार की व्यवस्थाओं की प्रशंसा और भविष्य में उन्हें और बेहतर बनाने की बात ने भी आयोजन के महत्व को बढ़ा दिया।





