
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत बड़ा बदलाव करने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के तहत छात्रों के बैंक खाते में पैसे भेजने की जगह अब उन्हें सीधे दो सेट सिली हुई स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाए। इस प्रस्ताव पर बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) से सहमति मांगी गई है।
प्रस्ताव के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 1 से 12 तक के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्ता वाली तैयार पोशाक दी जाएगी। वर्तमान में पोशाक योजना के तहत राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे वे खुद कपड़े खरीदते हैं। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने पर छात्रों को तैयार यूनिफॉर्म मिलेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। विभाग के अनुसार केंद्रीकृत व्यवस्था से सभी छात्रों को एक समान गुणवत्ता की पोशाक समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही राशि के गलत उपयोग या गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं को भी रोका जा सकेगा।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में लगभग 82.47 लाख और 2025-26 में 96.12 लाख छात्रों को इस योजना का लाभ मिला था। अगर प्रस्ताव लागू होता है, तो इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को सीधे रेडीमेड यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी।
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और जीविका की सहमति मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र को समय पर और बेहतर गुणवत्ता की स्कूल यूनिफॉर्म मिले, जिससे शिक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।





