
बिहार | लोक आस्था का महापर्व चैती छठ अपने तीसरे दिन पर पहुंच गया है। आज श्रद्धालु अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देंगे। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
आज होगा पहला अर्घ्य, जानें सूर्यास्त का समय
छठ पूजा के तीसरे दिन यानी संध्या अर्घ्य का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु गंगा, सरयू, कोसी और अन्य नदियों के घाटों पर या फिर घरों में बने कृत्रिम जल कुंडों में शुद्ध जल से अर्घ्य अर्पित करेंगे।
सूर्यास्त का समय (मुख्य शहरों में):
पटना: शाम 6:12 बजे
दिल्ली: शाम 6:25 बजे
वाराणसी: शाम 6:18 बजे
रांची: शाम 6:10 बजे
कोलकाता: शाम 6:05 बजे
अर्घ्य देने की विधि
संध्या अर्घ्य देने के लिए सूप और डाला में फल, ठेकुआ, नारियल और अन्य प्रसाद रखे जाते हैं।
गंगाजल या शुद्ध जल से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
व्रती महिलाएं जल में खड़े होकर सूर्य की उपासना करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
कल उगते सूर्य को दिया जाएगा अंतिम अर्घ्य
चैती छठ के चौथे और अंतिम दिन सूर्योदय के समय दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा, जिसके बाद व्रती जल ग्रहण कर पारण करेंगी। इस दिन का अर्घ्य छठ पूजा का समापन माना जाता है।





