बिहार

फर्जी आधार से बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट बनवाने का मामला

Kavita2
7 Oct 2026 1:49 PM IST
फर्जी आधार से बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट बनवाने का मामला
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मुजफ्फरपुर। फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उसके सहारे बिहार के पते पर बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस रैकेट से जुड़े बताए जा रहे कन्हाई मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने करजा, कांटी समेत कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वह अब तक पकड़ में नहीं आ सका है। अब पुलिस न्यायालय की प्रक्रिया पूरी कर उसके घर की कुर्की-जब्ती की तैयारी में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार, मामले में कन्हाई मिश्रा की भूमिका की जांच की जा रही है और उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दी जा रही है। कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी के बावजूद वह हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों के मुताबिक पहले गिरफ्तारी वारंट और उसके बाद इश्तेहार की कार्रवाई की जाएगी। यदि इसके बावजूद आरोपित हाजिर नहीं होता है तो कानूनी प्रावधानों के तहत उसके घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपित की तलाश बंद नहीं की गई है और छापेमारी लगातार जारी रहेगी।

मामला इस आरोप से जुड़ा है कि एक बांग्लादेशी नागरिक के लिए पहले फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया और फिर उसी दस्तावेज का इस्तेमाल कर बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवा दिया गया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।

जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में कौन-कौन शामिल था, किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और पासपोर्ट आवेदन के दौरान सत्यापन प्रक्रिया किस तरह पूरी कराई गई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस तरह के और मामले तो नहीं हुए हैं।

पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए पहचान और पते की पुष्टि जरूरी होती है। ऐसे में यदि किसी विदेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी कराया गया है तो यह गंभीर मामला माना जा रहा है। पुलिस इससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

कन्हाई मिश्रा के खिलाफ पुलिस का अभियान इसी जांच का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।

पुलिस करजा और कांटी क्षेत्र में उसके परिचितों और संभावित संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। उसके मोबाइल नंबर, पुराने ठिकानों और अन्य संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है। हालांकि फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला व्यक्ति ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों की व्यवस्था कराने, आवेदन कराने और सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग करने वालों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए जांच का दायरा केवल एक आरोपित तक सीमित नहीं रखा गया है।

मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। आधार कार्ड में इस्तेमाल पता, नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों का मिलान किया जा रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दस्तावेज तैयार करने के लिए किसी वास्तविक व्यक्ति की जानकारी का दुरुपयोग किया गया या पूरी तरह फर्जी विवरण तैयार किए गए।

पासपोर्ट आवेदन में लगाए गए प्रमाणपत्र और दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि आवेदन किस माध्यम से किया गया और सत्यापन के दौरान कौन-कौन सी जानकारियां प्रस्तुत की गईं।

फर्जी आधार कार्ड के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस दस्तावेज तैयार कराने वाले संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यदि यह किसी संगठित रैकेट का हिस्सा पाया जाता है तो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि संबंधित बांग्लादेशी नागरिक भारत में कब और किस रास्ते से आया था। उसके भारत में रहने, पहचान बदलने और पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया का क्रम तैयार किया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस ने कन्हाई मिश्रा की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से रैकेट के अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत यदि आरोपित लगातार फरार रहता है तो पहले अदालत से वारंट लिया जाएगा। इसके बाद इश्तेहार चस्पा करने की कार्रवाई की जा सकती है। निर्धारित अवधि में आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पुलिस ने संबंधित थाना क्षेत्रों में भी उसकी तलाश तेज कर दी है। उसके घर और रिश्तेदारों के ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ऐसे स्थानों की भी जांच की जा रही है, जहां उसके छिपे होने की संभावना हो सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जांच की जाएगी। खासकर पहचान और पते के सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस जांच से जुड़े सभी तथ्य जुटाने के बाद ही आगे की कार्रवाई कर रही है। अभी कन्हाई मिश्रा पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद होगा।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। यदि वह जल्द गिरफ्तार नहीं होता है तो अदालत से आवश्यक आदेश लेकर उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट के कथित रैकेट की जांच अब उस स्तर पर पहुंच गई है जहां पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेज तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया को समझने का प्रयास कर रही है।

आने वाले दिनों में कन्हाई मिश्रा की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई इस जांच में अहम मोड़ साबित हो सकती है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की तह तक पहुंचने और सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने लाने के लिए जांच जारी है।

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