
बेतिया। मझौलिया थाना क्षेत्र की धोकराहा पंचायत में शनिवार की अहले सुबह पुलिस ने गांजे की बड़ी खेप बरामद की। वार्ड नंबर दो स्थित नुनिया टोला में गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान सफेद रंग की कार जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक, कार में रखी 10 बोरियों से एक क्विंटल 18 किलो 300 ग्राम गांजा मिला। कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान चालक ने वाहन लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन गांव के सरेह में कार गड्ढे में फंस गई और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि पुलिस को कार से गांजे की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने संभावित स्थान पर घेराबंदी की और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। सूचना में बताए गए वाहन तक पहुंचने के बाद पुलिस को गांजा बरामद हुआ। हालांकि, खेप कहां से लाई गई थी और उसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, इसका विवरण प्रारंभिक जानकारी में नहीं दिया गया है। इन सवालों के जवाब से परिवहन की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार, टीम को देखकर चालक कार लेकर गांव के सरेह की ओर भागने लगा। वाहन के जरिए मौके से निकलने की उसकी कोशिश उस समय रुक गई, जब बांस के पास बने गड्ढे में कार फंस गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास घेराबंदी करके चालक को पकड़ लिया। उपलब्ध विवरण में कार्रवाई के दौरान किसी के घायल होने या वाहन में किसी अन्य व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी नहीं है। गिरफ्तारी के बाद कार को भी जब्त कर लिया गया।
कार की तलाशी में 10 बोरियों में रखा पदार्थ बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने गांजा बताया है। बरामदगी का कुल वजन 118 किलो 300 ग्राम बताया गया है। यह मात्रा एक क्विंटल से अधिक है। गांजे को बोरियों में रखकर कार से ले जाए जाने का आरोप है। हालांकि, प्रत्येक बोरी का अलग-अलग वजन और कार में उन्हें रखने का तरीका उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। इसलिए कुल बरामद मात्रा से आगे पैकिंग या छिपाने की किसी विशेष तकनीक का दावा नहीं किया जा सकता।
गिरफ्तार चालक ने बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई है। इस आंकड़े को चालक के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध विवरण में पुलिस या किसी अधिकृत एजेंसी द्वारा इस कीमत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मादक पदार्थ का वजन और उसका कथित बाजार मूल्य अलग तथ्य हैं। इस मामले में पुलिस ने बरामद मात्रा बताई है, जबकि दो करोड़ रुपये के मूल्य का उल्लेख गिरफ्तार व्यक्ति की ओर से किया गया है।
इसी तरह, कीमत के संदर्भ में ‘अंतरराष्ट्रीय बाजार’ शब्द का इस्तेमाल होने से खेप का किसी विदेशी देश से संबंध साबित नहीं होता। उपलब्ध जानकारी में सीमा पार से गांजा आने या विदेश भेजे जाने का उल्लेख नहीं है। इसे किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने के लिए स्रोत, परिवहन मार्ग और संबंधित लोगों के बारे में प्रमाणित जानकारी आवश्यक होगी। फिलहाल पुष्टि की गई कार्रवाई कार की जब्ती, उसमें मिली खेप और चालक की गिरफ्तारी तक सीमित है।
इस बरामदगी के बाद महत्वपूर्ण सवाल खेप के स्रोत और उसके संभावित प्राप्तकर्ता से जुड़े हैं। चालक वाहन का मालिक था या किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उसे चला रहा था, यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है। उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार व्यक्ति का नाम, पता और वाहन का पंजीकरण नंबर शामिल नहीं है। इन जानकारियों के सामने आने पर कार तथा उसमें रखी सामग्री के संबंध को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। अभी किसी अन्य व्यक्ति को इस मामले से जोड़ना अनुमान होगा।
गुप्त सूचना इस कार्रवाई की शुरुआती कड़ी रही। थानाध्यक्ष के बयान के मुताबिक, सूचना कार से गांजा ले जाए जाने के बारे में थी और उसी आधार पर संभावित स्थान पर टीम पहुंची। इसके बाद चालक का भागने का प्रयास तथा वाहन का गड्ढे में फंसना घटनाक्रम के अगले चरण रहे। पुलिस के बताए क्रम में वाहन रोकने और तलाशी के बाद बरामदगी हुई। कार्रवाई का सटीक समय और टीम में शामिल कर्मियों की संख्या का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मामले में दर्ज मुकदमे की धाराएं, जब्ती दस्तावेज और गिरफ्तार चालक को अदालत में पेश किए जाने की स्थिति भी प्रारंभिक सामग्री में नहीं बताई गई है। इसलिए हिरासत की अवधि या आगे की न्यायिक कार्रवाई के बारे में निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। गिरफ्तारी आरोपों की जांच का हिस्सा है; इससे संबंधित व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण नहीं होता। वह बरामद खेप के बारे में क्या जानकारी देता है और उसकी पुष्टि कैसे होती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल नुनिया टोला से सफेद कार और उसमें रखी 10 बोरियों की जब्ती इस मामले की प्रमुख बरामदगी है। पुलिस के अनुसार, वाहन से कुल 118 किलो 300 ग्राम गांजा मिला है और चालक गिरफ्तार है। खेप के स्रोत, गंतव्य तथा अन्य संभावित लोगों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है। आगे सामने आने वाले तथ्य बताएंगे कि यह परिवहन किसके लिए किया जा रहा था। करीब दो करोड़ रुपये की कीमत का आंकड़ा अभी गिरफ्तार चालक का दावा है।





