बिहार

गया एयरपोर्ट पर 10 करोड़ का गांजा जब्त, 2 महिलाएं गिरफ्तार

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 8:50 PM IST
गया एयरपोर्ट पर 10 करोड़ का गांजा जब्त, 2 महिलाएं गिरफ्तार
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गया। बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की तस्करी का एक और मामला सामने आया है। बुधवार को कस्टम विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाईलैंड से आईं पंजाब की दो महिलाओं को करीब 10 किलोग्राम मारिजुआना (गांजा) के साथ गिरफ्तार किया है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गया एयरपोर्ट पर पहले भी मादक पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं थाईलैंड से गया एयरपोर्ट पहुंची थीं। कस्टम विभाग की जांच के दौरान उनके पास से करीब 10 किलोग्राम गांजा बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि, बरामद नशीले पदार्थ की आधिकारिक कीमत, महिलाओं की पहचान और उनकी यात्रा से जुड़े विस्तृत विवरण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए तस्करी की बढ़ती चुनौती
गया जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। बोधगया में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के कारण यहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और बौद्ध श्रद्धालु पहुंचते हैं। थाईलैंड, म्यांमार और भूटान जैसे देशों के साथ हवाई संपर्क होने से इस एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय महत्व लगातार बढ़ा है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है, लेकिन इसके साथ सीमा शुल्क विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों के सामान की जांच, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और प्रतिबंधित वस्तुओं की पहचान करना सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों का इस्तेमाल करने वाले तस्करी नेटवर्क कई बार सामान्य यात्रियों के जरिए नशीले पदार्थों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के सामने केवल नशीले पदार्थ की बरामदगी ही नहीं, बल्कि उसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती होती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं तस्करी के मामले
गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं है। जनवरी 2026 में भी कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया था। उस मामले में पांच यात्रियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। गिरफ्तार लोगों में पंजाब की दो महिलाएं भी शामिल थीं।
इससे पहले दिसंबर 2024 में बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से लगभग 8.8 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया था। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए नशीले पदार्थ लाने के प्रयासों को रोकना जांच एजेंसियों के लिए लगातार महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।
पंजाब की महिलाओं के कनेक्शन की जांच अहम
बुधवार की घटना में पंजाब की दो महिलाओं की गिरफ्तारी की सूचना सामने आने के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ भारत में किसके लिए लाया जा रहा था। क्या दोनों महिलाएं किसी संगठित गिरोह के संपर्क में थीं या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, यह जांच का विषय है।
तस्करी के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां सामान्यतः यात्रियों की विदेश यात्रा, संपर्कों, सामान और संभावित डिलीवरी नेटवर्क की पड़ताल करती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि नशीले पदार्थ कहां से खरीदे गए और उन्हें किस व्यक्ति या स्थान तक पहुंचाया जाना था।हालांकि, इस मामले में दोनों महिलाओं से पूछताछ के दौरान क्या जानकारी मिली है और किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आई है या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाल के वर्षों में देश के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हाइड्रोपोनिक गांजे की बरामदगी के कई मामले सामने आए हैं। हाइड्रोपोनिक तकनीक में पौधों को पारंपरिक मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों वाले पानी या अन्य नियंत्रित माध्यम में उगाया जाता है।
इस तकनीक से उगाया गया गांजा भी भारत में लागू मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों के दायरे में आता है। हालांकि, गया एयरपोर्ट की बुधवार वाली बरामदगी में गांजा किस प्रकार का था, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।भारत में गांजे की अवैध तस्करी, परिवहन और बिक्री पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। अपराध की प्रकृति, बरामद मात्रा और अन्य परिस्थितियों के आधार पर सजा का प्रावधान है।
एयरपोर्ट पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण
गया एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के बीच सुरक्षा एजेंसियों के लिए सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। कस्टम विभाग, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की प्रभावी जांच, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान और संदिग्ध सामान की तकनीकी जांच से तस्करी के प्रयासों को रोकने में मदद मिल सकती है।बुधवार को सामने आई इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी की समस्या को चर्चा में ला दिया है। अब इस मामले में आधिकारिक जांच से स्पष्ट होगा कि बरामद गांजे का स्रोत क्या था, इसे भारत में कहां पहुंचाया जाना था और क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है।
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