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Delhi दिल्ली। बिहार के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मशहूर कवि कुंवर मोहिंदर सिंह बेदी 'सहर' को याद करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को समझने का एक सशक्त माध्यम हैं। वह ‘यादों का जश्न’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने बेदी साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर आरिफ मोहम्मद खान ने भावुक होते हुए कहा कि वे बेदी साहब को जिस तरह याद करते हैं, उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसे महान साहित्यकारों के बारे में बताया जाए, ताकि वे उनके विचारों और मूल्यों से प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने कहा कि बेदी साहब की कविताओं को पढ़ने से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसके आदर्शों की झलक मिलती है। उनके अनुसार, आज के दौर में जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब इन मूल्यों को याद रखना और अपनाना और भी जरूरी हो गया है।
आरिफ मोहम्मद खान ने जोर देते हुए कहा कि बेदी साहब की रचनाएं केवल साहित्य नहीं हैं, बल्कि वे इंसानियत, सम्मान और आपसी भाईचारे का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कविताएं हमें सिखाती हैं कि हर इंसान का सम्मान करना चाहिए और समाज में सौहार्द बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी कवि ‘सहर’ की साहित्यिक विरासत को याद किया और उनके योगदान को सराहा। इस तरह के आयोजनों को साहित्य और संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
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