बिहार
बिहार चुनाव में नोटों के बंडल ने बढ़ाई सियासी हलचल BJP ने उठाए सवाल
Ratna Netam
17 Oct 2026 2:43 PM IST

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पटना। बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की चुनाव प्रचार सामग्री के साथ 500-500 रुपये के नोटों के बंडल दिखाई देने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को भाजपा प्रवक्ता एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने चुनाव आयोग से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को नकदी देकर प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, वायरल तस्वीरों की प्रामाणिकता और नकदी के चुनावी इस्तेमाल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जन सुराज की प्रचार सामग्री के साथ दिखे नोटों के बंडल
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में 500 रुपये के नोटों के बंडल के साथ जन सुराज पार्टी से जुड़ी चुनाव प्रचार सामग्री दिखाई दे रही है। प्रचार सामग्री में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समर्थित उम्मीदवार श्याम नंदन कुमार और प्रशांत किशोर की तस्वीरें भी नजर आ रही हैं।इन तस्वीरों के सामने आने के बाद भाजपा ने जन सुराज पार्टी की चुनावी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रचार सामग्री के साथ इतनी नकदी दिखाई देना गंभीर विषय है, जिसकी जांच आवश्यक है।हालांकि, केवल तस्वीर में नकदी और प्रचार सामग्री का एक साथ दिखाई देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि मतदाताओं को पैसे बांटे गए थे।
दानिश इकबाल ने चुनाव आयोग से की जांच की मांग
भाजपा नेता दानिश इकबाल ने शनिवार को कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि वायरल तस्वीरें मतदाताओं को धन का प्रलोभन देने की संभावित कोशिश की ओर संकेत करती हैं।उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि तस्वीरों की वास्तविकता की जांच कराई जाए। इसके साथ ही नोटों के स्रोत, प्रचार सामग्री से उनके संबंध और तस्वीरों में दिखाई देने वाली नकदी के उद्देश्य की भी पड़ताल होनी चाहिए।भाजपा नेता ने कहा कि यदि जांच में चुनावी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
आठ सीटों पर चुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा और अन्य दलों के साथ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी चुनावी मैदान में सक्रिय है।जन सुराज पार्टी विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रही है। पार्टी रोजगार, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और जनसमस्याओं को प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में सामने रख रही है।ऐसे समय में नकदी के बंडल वाली तस्वीरें वायरल होने से चुनावी प्रचार और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को नया मुद्दा मिल गया है।
जन सुराज पार्टी ने आरोपों को बताया फर्जी प्रचार
इस पूरे मामले में जन सुराज पार्टी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए वायरल तस्वीरों से जुड़े दावों को फर्जी प्रचार बताया है।जन सुराज का आरोप है कि चुनाव में राजनीतिक नुकसान की आशंका के कारण उसके खिलाफ भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। पार्टी ने भाजपा के आरोपों को गलत बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की हैइस प्रकार मामले में भाजपा और जन सुराज पार्टी के दावे अलग-अलग हैं। तस्वीरों की सत्यता तथा उनसे जुड़ी परिस्थितियों का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
चुनाव में नकदी के इस्तेमाल पर सख्त नियम
भारतीय चुनावी व्यवस्था में मतदाताओं को पैसे या अन्य प्रलोभन देकर प्रभावित करना गंभीर विषय माना जाता है। चुनावी रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई का प्रावधान है।ऐसे आरोपों की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होता है कि नकदी कहां से आई, उसका उपयोग किस उद्देश्य से होना था और क्या वास्तव में किसी मतदाता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अब चुनाव आयोग की कार्रवाई पर नजर
भाजपा की जांच की मांग के बाद इस मामले में चुनाव आयोग की संभावित कार्रवाई पर राजनीतिक दलों की नजर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल तस्वीरों के संबंध में कोई औपचारिक जांच शुरू की गई है या नहीं।बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच सामने आए इस विवाद ने चुनावी पारदर्शिता और धन के संभावित दुरुपयोग के सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है। अब तस्वीरों की प्रामाणिकता और भाजपा के आरोपों की सत्यता स्पष्ट होना बाकी है।
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