बिहार

ठप पड़े कार्यों को पटरी पर लाना होगी बड़ी चुनौती

Admin Delhi 1
18 Jan 2023 6:46 AM GMT
ठप पड़े कार्यों को पटरी पर लाना होगी बड़ी चुनौती
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रोहतास न्यूज़: शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनधियों को नगर निगम के संचालन करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. पिछले छह माह से नगर निगम में ठप पड़े विकास कार्यों को पटरी पर लाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी.

शहर के विकास कार्यों के साथ नगर निगम के आंतरिक कार्यों में सामंजस्य बैठाना उनके लिए मुश्किल होगी. शहर की आबादी लगभग 2.64 लाख है. जबकि 148.82 वर्ग किलोमीटर शहर का क्षेत्रफल है. ऐसे में परिसिमन के बाद नए क्षेत्रों में कार्य कराने में कई परेशानी होगी. जनता के साथ नगर निगम के कर्मचारियों के समस्याओं का निदान करना भी उनके लिए टेढ़ी खीर साबित होगी. क्योंकि जनता ने नए जन प्रतिनिधियों से उम्मीदें पाल रखी है.

वहीं नगर निगम के कर्मचारी भी उन्हीं के आसरे हैं. हालांकि सभी समस्याओं का समाधान फौरी तौर पर संभव नहीं है. लेकिन, प्राथमिकता के आधार पर नगर निगम के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समस्याओं का समाधान करने के लिए पसीने बहाने होंगे. नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर की सफाई को लेकर है. सफाई व्यवस्था को ले नगर निगम वासी परेशान हैं. वहीं शहर में पानी की निकासी, नाली-गली का निर्माण, पेयजल व्यवस्था ठीक करना भी चुनौती होगी. कचरा डंप करने की व्यवस्था करने के साथ ड्रेनेज निर्माण भी टेढ़ी खीर साबित हो सकती है. लंबित योजना को भी धरातल पर लाना उनके लिए चुनौती होगी.

संसाधन की नहीं है कमी नगर निगम में विकास कार्यों को ले संसाधनों की कमी नहीं है. सफाई को ले लगभग 350 सफाई मजदूर कार्यरत हैं. वर्तमान में सफाई को लेकर 30 ट्रिपर, तीन टेम्पो, 40 ठेले, 40 हैंड ट्रॉली, दो जेसीबी, एक मिनी पॉक्लेन मशीन समेत चार फॉगिंग मशिन हैं. जिसमें दो फॉगिंग मशीन खराब है. पूर्व में उक्त संसाधन 40 वार्डों के लिए दिए गए थे. लेकिन वार्ड की संख्या 40 से बढ़कर 48 हो गई है. इसलिए संसाधनों में वृद्धि भी इन्हें कराना होगा. कर्मचारियों की कमी को देखते हुए उनकी संख्या में भी वृद्धि करने की भी आवश्यकता होगी.

पांच करोड़ की योजनाएं है लंबित नगर निगम क्षेत्र में पिछले बोर्ड द्वारा पारित पांच करोड़ की योजनाएं लंबित हैं. जिससे जन सरोकार से जुड़े विकास कार्य ठप पड़े हैं. नगर निगम क्षेत्र में दो चरणों में 28 योजनाओं की स्वीकृति दी गई थी. पहले चरण के 12 योजनाओं को कार्यान्वयन को लेकर दो करोड़ 99 लाख स्वीकृति दी गई थी. जिसमें पांच योजनाओं का कार्य पूरा किया गया है. दो योजनाएं लंबित हैं. पहले चरण की पांच योजनाओं का एग्रीमेंट फंड के अभाव में नहीं हो सका है. उक्त योजनाओं का फंड नगर विकास व आवास विभाग देगी या नगर निगम. इस पर भी पेंच फंसा है. हालांकि नगर निगम मामले के निष्पादन के लिए विभागीय पत्र का इंतजार कर रही है. दूसरे चरण में मुख्यमंत्री शहरी नाली-गली योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर 29 मार्च को आहूत सशक्त स्थाई समिति की बैठक में पांच करोड़ 11 लाख की राशि से 16 योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई थी. जिसके आलोक में नगर आयुक्त ने 13 मई 2022 को कार्यपालक अभियंता नगर विकास प्रमंडल सासाराम को अग्रेतर कार्रवाई को ले पत्र भेजा था. लेकिन, इन 16 योजनाओं पर कार्य शुरू नहीं हो सका. सभी योजनाओं के तहत नगर निगम के वार्डों में नाली-गली, पीसीसी सड़क का निर्माण होने हैं. निर्माण कार्य नहीं होने का सीधा असर आमलोगों पर पड़ रहा है. गली में टूटे सड़कों से पानी जमा रहता है. नाली निर्माण नहीं होने से लोगों के घरों के अंदर पानी भरा रहता है.

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