
दानापुर। बाढ़ की विभीषिका के बीच शुक्रवार को डूबे मानस निवासी रविशेखर सुधांशु का शव बरामद कर लिया गया है। हादसे के बाद से ही उनकी तलाश की जा रही थी। शव मिलने के बाद पीड़ित परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं राज्य सरकार ने आपदा राहत प्रावधानों के तहत मृतक के आश्रित परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की है।
प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रक्रिया के दौरान सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने मृतक की पत्नी सरोज देवी को चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी वीरुपाक्ष विक्रम सिंह, अंचलाधिकारी विजय कुमार गुप्ता समेत प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जानकारी के मुताबिक दियारा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान शुक्रवार को रविशेखर सुधांशु पानी में डूब गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही उनकी तलाश शुरू की गई। बाढ़ के कारण इलाके में पानी का तेज बहाव और व्यापक जलभराव होने से तलाश में मुश्किलें भी आईं। काफी प्रयास के बाद उनका शव बरामद किया गया।
रविशेखर का शव मिलने की सूचना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों को उम्मीद थी कि तलाश अभियान के दौरान उनके बारे में कोई अच्छी खबर मिलेगी, लेकिन शव बरामद होने के बाद यह उम्मीद खत्म हो गई। घटना से आसपास के लोगों में भी शोक का माहौल है।
मामला बाढ़ के दौरान हुई मौत से जुड़ा होने के कारण प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए आपदा राहत के तहत मिलने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद मृतक के आश्रित परिवार के लिए चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई।
प्रखंड कार्यालय में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने मृतक की पत्नी सरोज देवी को सहायता राशि का चेक प्रदान किया। मंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि किसी व्यक्ति की जान की भरपाई आर्थिक सहायता से नहीं की जा सकती, लेकिन संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
रामकृपाल यादव ने कहा कि आपदा के समय सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। दियारा क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति में लोगों को नदी तथा गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहने की आवश्यकता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और ऐसे लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है जिन्हें बाढ़ के पानी से गुजरना पड़ रहा हो।
अनुमंडल पदाधिकारी वीरुपाक्ष विक्रम सिंह और अंचलाधिकारी विजय कुमार गुप्ता सहित मौजूद अधिकारियों ने भी पीड़ित परिवार को प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। बाढ़ के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं को सक्रिय रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
दियारा क्षेत्र में बाढ़ आने के बाद जनजीवन पर व्यापक असर पड़ता है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग पानी में डूब जाते हैं और लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में नदी और बाढ़ के पानी का तेज बहाव जानलेवा साबित हो सकता है। रविशेखर सुधांशु की मौत ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है।
सरकार की ओर से दी गई चार लाख रुपये की सहायता राशि फिलहाल मृतक के आश्रित परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनेगी। प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रभावित पात्र परिवारों तक नियमानुसार राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के साथ किसी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
रविशेखर सुधांशु की मौत से उनके परिवार के साथ पूरे इलाके में शोक है। इस हादसे ने बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत भी बढ़ा दी है। प्रशासन के सामने अब प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सरकारी सहायता पहुंचाने की जिम्मेदारी है।





